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(धर्मेन्द्र पाठक) चतरा : झारखंड के स्वास्थ्य इतिहास में मंगलवार को चतरा जिले का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। चतरा सदर अस्पताल में राज्य का पहला MSNCU मॉडल बनकर तैयार हो गया है। यह यूनिट उन नवजातों के लिए वरदान साबित होगी जो समय से पहले पैदा होते हैं या जिनका वजन कम होता है।
अब तक ऐसे बच्चों को माँ से अलग कर शीशे की पेटी यानी वार्मर में रखा जाता था, लेकिन चतरा प्रशासन की इस पहल से अब माँ की धड़कन और गर्मी के बीच ही शिशुओं का इलाज संभव होगा। चतरा उपायुक्त कीर्तिश्री के कुशल मार्गदर्शन और चतरा एसडीओ जहूर आलम के विशेष प्रयासों से सदर अस्पताल में यह अत्याधुनिक यूनिट तैयार की गई है।
इसका भव्य उद्घाटन चतरा उपायुक्त, सांसद कालीचरण सिंह, चतरा विधायक जनार्दन पासवान और सिमरिया विधायक कुमार उज्जवल दास ने संयुक्त रूप से किया। यह यूनिट ज़ीरो सेपरेशन की वैश्विक नीति पर आधारित है। यहाँ 11 विशेष बेड लगाए गए हैं जहाँ कम वजन वाले शिशुओं को उनकी माताओं के साथ i-KMC में रखा जाएगा। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि माँ के शरीर का स्पर्श नन्हे बच्चों को संक्रमण और हाइपोथर्मिया से बचाता है और उनके वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में इस यूनिट में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ तैनात किया गया है। अब चतरा के लोगों को अपने कमजोर नवजातों को लेकर रांची या बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। यह मॉडल न केवल नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की माताओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान करेगा।चतरा का यह मॉडल अब पूरे झारखंड के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन गया है।
उम्मीद है कि जल्द ही राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे हर नवजात को उसकी माँ की ममता और आधुनिक चिकित्सा एक साथ मिल सके। इस मौके पर डॉ उपाधीक्षक पंकज कुमार, डॉ आशीष कुमार, डीडीसी अमरेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ अजहर, रवि रंजन, दिलेर खान,सहित अन्य भी मौजूद रहें।
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