Hazaribagh : झारखंड के प्रवासी मजदूरों की बेबसी एक बार फिर सामने आई है। चलकुसा थाना क्षेत्र के बेडमाकी गांव निवासी 47 वर्षीय छोटू यादव का मुंबई के कांदिवली अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। छोटू यादव लंबे समय से बीमार थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। पत्नी धनेश्वरी देवी और दो छोटे बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मृतक का शव गांव लाने में झारखंडी एकता संघ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बोरिवली इकाई के अध्यक्ष भीम कुमार गुप्ता और उपाध्यक्ष निज़ाम इराकी समेत कई सदस्यों ने अस्पताल पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया और चंदा इकट्ठा कर शव को हवाई जहाज से झारखंड भेजवाया।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष असलम अंसारी ने कहा कि यह प्रवासी मजदूरों की मौत का पहला मामला नहीं है। अब तक संघ 290 से अधिक शव झारखंड पहुंचा चुका है। लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने प्रवासी कल्याण आयोग गठन की मांग दोहराई और कहा कि खनिज संपदा से भरपूर राज्य के लोग आज भी रोजगार के लिए पलायन करने को मजबूर हैं, जो झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

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