Ranchi News: झारखंड में इस वक्त हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार, 22 दिसंबर को राजधानी रांची में सीजन की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 5.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बर्फीली हवाओं और कोहरे के दोहरे प्रहार ने राज्य के 9 जिलों को ‘डीप फ्रीजर’ बना दिया है। ठिठुरन का आलम यह है कि अस्पतालों में ठंड जनित बीमारियों के मरीजों का तांता लगा हुआ है।

9 जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे; हजारीबाग में दिन में भी ‘रात’ जैसा अहसास

मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 9 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रिकॉर्ड हुआ है। रांची के बाद डाल्टनगंज (6.5°C) और लोहरदगा (7.1°C) सबसे ठंडे रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति अधिकतम तापमान (Maximum Temperature) को लेकर है। हजारीबाग में अधिकतम पारा महज 15.8 डिग्री पर सिमट गया है, जिसके कारण वहां ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। स्कूली बच्चों के लिए सुबह घर से निकलना किसी सजा से कम नहीं लग रहा है।

16 जिलों पर ‘सफेद अंधेरे’ का पहरा; देवघर और जमशेदपुर में विजिबिलिटी हुई कम

पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के साथ-साथ घने कोहरे ने भी झारखंड को अपनी चपेट में ले लिया है। चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और गिरिडीह समेत 16 जिलों में कोहरे ने डेरा जमा लिया है। देवघर में विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर महज 200 मीटर रह गई है, वहीं जमशेदपुर में यह 300 मीटर दर्ज की गई। सड़कों पर गाड़ियाँ रेंगने को मजबूर हैं और हाईवे पर हेडलाइट्स जलाकर भी चलना दूभर हो गया है।

ला नीना का असर या पश्चिमी विक्षोभ? फिलहाल राहत के आसार नहीं

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाओं की वजह से कनकनी बढ़ी है। अगले 48 घंटों तक मौसम का यही मिजाज रहने की संभावना है। पलामू प्रमंडल और उत्तरी झारखंड के जिलों में दोपहर के समय भी सिहरन महसूस की जाएगी। मौसम विभाग ने लोगों को विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सीधी हवा से बचने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

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