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झारखंड में अफसरशाही हावी? मंत्री ने कहा टेंडर रद्द करो, विभाग ने नहीं सुनी

Ranchi News: झारखंड सरकार की ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह और उनके ही विभाग के अधिकारियों के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। मंत्री की ‘ना’ पर विभाग की ‘खामोशी’; दीपिका पांडे के आदेश के बाद भी टेंडर रद्द नहीं, इंजीनियरों के

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Ranchi News: झारखंड सरकार की ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडे सिंह और उनके ही विभाग के अधिकारियों के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है।

मंत्री की ‘ना’ पर विभाग की ‘खामोशी’; दीपिका पांडे के आदेश के बाद भी टेंडर रद्द नहीं, इंजीनियरों के बीच उलझा कानूनी पेच

मंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 की सभी ग्रामीण सड़कों और पुलों की निविदाओं (टेंडर) को रद्द करने का लिखित आदेश जारी किए जाने के कई दिन बीत जाने के बाद भी विभाग ने अब तक इस पर कोई अमल नहीं किया है। मंत्री का ‘पीत पत्र’ विभाग के गलियारों में फाइलों के नीचे दबा नजर आ रहा है, जिससे सरकार के भीतर समन्वय की कमी पर सवाल उठने लगे हैं।

मंथन या टालमटोल? बिड की वैधता पर उलझी विभाग की फाइलें

ग्रामीण कार्य विभाग और विशेष प्रमंडल के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की बड़ी संख्या में निविदाएं निकली हुई थीं। मंत्री ने 8 दिसंबर को कड़ा रुख अपनाते हुए इन्हें अविलंब रद्द करने का आदेश दिया था। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कई टेंडर्स के टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुके हैं। इंजीनियरों का तर्क है कि 180 दिनों की वैधता अवधि और कानूनी जटिलताओं के कारण इसे सीधे रद्द करना भविष्य में मुकदमेबाजी का कारण बन सकता है। इसी ‘मंथन’ के नाम पर मंत्री के आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

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