Ranchi : झारखंड उच्च न्यायालय ने वन भूमि घोटाले में गिरफ्तार ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया है। विनय सिंह ने अदालत में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, लेकिन न्यायालय ने सुनवाई के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
मामले की सुनवाई झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अम्बुज नाथ की अदालत में हुई। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पास आरोपित के खिलाफ प्रथम दृष्टया ठोस सबूत मौजूद हैं। विनय सिंह की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा, जबकि एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित गड़ोदिया और अभिषेक कृष्ण ने दलीलें पेश कीं।
गौरतलब है कि एसीबी ने 26 सितंबर को विनय सिंह को हजारीबाग में वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इस घोटाले में सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये के लेन-देन किए जाने का आरोप है। एसीबी ने इस प्रकरण में कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है।
विनय सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस केस में दूसरा आरोपित विजय सिंह को भी बीते सोमवार को एसीबी ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी का कहना है कि मामले में और भी कई लोगों की भूमिका की जांच जारी है।



