Ranchi : रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) परिसर और उसके आसपास बढ़ते अतिक्रमण को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 72 घंटे के भीतर रिम्स कैंपस और उससे सटे क्षेत्रों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। अदालत ने कहा कि यह सरकारी स्वास्थ्य संस्थान राज्य के हज़ारों मरीजों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन लगातार फैल रहे अवैध निर्माण, दुकानें और अस्थायी प्रतिष्ठान मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल में आने वाले आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन रहे हैं।

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि रिम्स जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान की मूल संरचना और उसकी सुविधाएं अतिक्रमण के कारण प्रभावित हो रही हैं। मरीजों के आवागमन में बाधा, एंबुलेंस की आवाजाही में दिक्कतें और परिसर की सफाई व सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी अदालत ने चिंता व्यक्त की। अदालत ने साफ कहा कि अस्पताल के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई करनी ही होगी।

इसके साथ ही कोर्ट ने नगर निगम और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, तीन दिनों की तय समय सीमा के भीतर सड़कों, फुटपाथों और अस्पताल सीमा क्षेत्र में मौजूद सभी अवैध ढांचे हटाए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने रिम्स प्रबंधन को भी परिसर की निगरानी करने और अतिक्रमण दोबारा न होने देने के निर्देश दिए।

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने टिप्पणी की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पहले ही कई बार की जानी चाहिए थी, लेकिन लापरवाही के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

आदेश के बाद नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने रिम्स परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अस्थायी दुकानों, अवैध पार्किंग और गैरकानूनी निर्माणों को हटाया जाएगा।

रांची के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में रोज़ाना हज़ारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में हाई कोर्ट का यह निर्णय साफ तौर पर मरीजों की सुविधा, अस्पताल की कार्यप्रणाली और शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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