Ranchi News: झारखंड सरकार ने नक्सली हिंसा में मारे गए निर्दोष नागरिकों के परिजनों को आर्थिक सहारा देने का बड़ा फैसला लिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम नक्सल प्रभावित इलाकों में पीड़ित परिवारों को राहत देने और प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, राज्य के चार जिलों में अलग-अलग समय पर नक्सली हिंसा में मारे गए चार लोगों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, ताकि किसी तरह की दिक्कत या देरी न हो।
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सहायता चतरा, लातेहार, हजारीबाग और चाईबासा जिलों से जुड़े मामलों में दी जा रही है। इन सभी मामलों में नक्सली हिंसा के कारण परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खो दिया था।
जिन्हें मिलेगी सहायता राशि
- चतरा जिले के पिपरवार निवासी अक्षय कुमार की 17 अप्रैल 2020 को नक्सली हिंसा में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी चंचला देवी को सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- लातेहार जिले के नेतरहाट निवासी देवकुमार प्रजापति 19 जुलाई 2023 को नक्सली हमले में मारे गए थे। उनकी पत्नी कालेश्वरी देवी को भी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी निवासी कैलाश राणा की 14 सितंबर 2018 को नक्सली हिंसा में जान चली गई थी। उनकी पत्नी पुष्पा देवी को इस सरकारी योजना के तहत सहायता राशि मिलेगी।
- वहीं, चाईबासा जिले के जटेया निवासी चिरु सिरका की 1 फरवरी 2024 को नक्सली हिंसा में मौत हुई थी। उनकी पत्नी कुंती देवी को भी एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला राज्य सरकार की संवेदनशील नीति का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवार खुद को अकेला न महसूस करें और उन्हें तुरंत आर्थिक सहारा मिले।
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सरकार ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र लाभुकों तक तय समय पर राशि पहुंचाई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



