Ranchi News: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रही ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने मंगलवार को एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे रसूखदारों के खेमे में हड़कंप मच गया है। मामला आय से अधिक संपत्ति का है और निशाने पर हैं—विनय कुमार सिंह। ब्यूरो की टीम ने एक साथ राज्य के चार बड़े जिलों में फैले विनय सिंह के ऑटोमोबाइल साम्राज्य पर धावा बोला।

थाना कांड संख्या 20/2025 के तहत दर्ज इस मामले में विनय कुमार सिंह और स्निग्धा सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। छापेमारी की यह प्रक्रिया इतनी पुख्ता थी कि टीम ने मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों को साथ रखकर हर कानूनी औपचारिकता पूरी की। रांची के पॉश इलाकों से लेकर कोडरमा की गलियों तक, ACB के अधिकारियों ने एक साथ एंट्री की ताकि सबूत मिटाने का कोई मौका न मिले।

इन ठिकानों पर जमी ACB की टीम

छापेमारी का दायरा काफी विस्तृत रहा। रांची के करमटोली स्थित ‘महिंद्रा नेक्सजेन सॉल्यूशंस’ और डिबडीह के ‘टाटा मोटर्स शोरूम’ में घंटों तक कागजों की बारीकी से जांच हुई। वहीं, कोडरमा के झुमरी तिलैया, देवघर के मोहनपुर और धनबाद के बरवाअड्डा स्थित ‘एच.एन. मोटर्स’ व ‘मोटोजेन शोरूम’ पर भी ब्यूरो के अधिकारियों ने डेरा डाल दिया।

कागजों में छिपे हैं बेनामी संपत्ति के राज

सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। शोरूम्स के भीतर रखे कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, बैंक ट्रांजैक्शन और निवेश से जुड़े अहम दस्तावेजों को जब्त किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि गाड़ियों के इन बड़े शोरूम्स के पीछे करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति का खेल छिपा हो सकता है।

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ACB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा, “भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं। जांच जारी है और जैसे ही दस्तावेजों का मिलान पूरा होगा, गिरफ्तारी और अन्य कड़ी कानूनी कार्रवाइयां सुनिश्चित की जाएंगी।” फिलहाल, विनय सिंह के सभी ठिकानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है।

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