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पुतिन से सेटिंग की फिराक में था एपस्टीन! ‘काली फाइलों’ से हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Moscow, (Russia): कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मौत के वर्षों बाद भी उसकी ‘काली दुनिया’ के पन्ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तूफान ला रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी ताजा दस्तावेजों ने इस बार सीधे रूस के सत्ता केंद्र—क्रेमलिन—की ओर इशारा किया है। खुलासा

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Moscow, (Russia): कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मौत के वर्षों बाद भी उसकी ‘काली दुनिया’ के पन्ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तूफान ला रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी ताजा दस्तावेजों ने इस बार सीधे रूस के सत्ता केंद्र—क्रेमलिन—की ओर इशारा किया है। खुलासा हुआ है कि एपस्टीन न केवल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की जुगत में था, बल्कि वह खुद को एक ‘जियो-पॉलिटिकल फिक्सर’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था।

पुतिन के लिए रखी थी ‘शर्त’

दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 से 2018 के बीच एपस्टीन ने कई बार पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव तक पहुंचने के लिए जाल बिछाया। एक ईमेल में एपस्टीन ने यहां तक लिखा कि यदि राष्ट्रपति पुतिन उससे मिलना चाहते हैं, तो उन्हें कम से कम दो से तीन घंटे का निजी समय देना होगा। उसने खुद को एक ऐसे सलाहकार के रूप में पेश किया जो रूस को पश्चिमी निवेश दिलाने में मदद कर सकता था। हालांकि, फिलहाल ऐसी किसी मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रूसी राजदूत और ब्लैकमेल का खेल

रिपोर्ट्स की मानें तो एपस्टीन न्यूयॉर्क में रूस के तत्कालीन यूएन राजदूत विटाली चुरकिन के साथ लगातार संपर्क में था। चुरकिन की मृत्यु के बाद उसने नॉर्वे के एक नेता के जरिए लावरोव तक पहुंचने की कोशिश की। चौंकाने वाली बात यह है कि 2015 के एक पत्र में एपस्टीन ने रूसी अधिकारियों से ‘ब्लैकमेल’ की घटनाओं पर सलाह मांगी थी। उसने दावा किया था कि न्यूयॉर्क में एक रूसी महिला कुछ ताकतवर व्यापारियों को ब्लैकमेल कर रही है, जो व्यापारिक हितों के लिए खतरा है।

यूरोप में बढ़ा खतरा, पोलैंड ने शुरू की जांच

इन खुलासों के बाद यूरोपीय देशों में खलबली मच गई है। पोलैंड के प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि उनका देश एपस्टीन के संभावित रूसी खुफिया एजेंसी (KGB/FSB) संबंधों की गहराई से जांच करेगा। आशंका जताई जा रही है कि एपस्टीन का पूरा नेटवर्क रूसी एजेंसियों के इशारे पर ‘हनी-ट्रैप’ या सूचनाएं जुटाने के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

क्रेमलिन का इनकार

हमेशा की तरह क्रेमलिन ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने इन थ्योरीज़ को ‘निराधार’ और ‘गंभीरता से न लेने लायक’ बताया है। फिर भी, ये दस्तावेज साबित करते हैं कि एपस्टीन केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि वैश्विक शक्तियों के बीच सौदेबाजी करने वाला एक खतरनाक मोहरा बनना चाहता था।

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