Washington, (US): आधुनिक इतिहास के सबसे वीभत्स अपराधी जेफरी एपस्टीन का काला साम्राज्य अब दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब होने की कगार पर है। अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन केस से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और डेटा विशेषज्ञों की मदद से विश्लेषण की गई इन फाइलों ने उस सड़े हुए तंत्र की पोल खोल दी है, जहां सत्ता और रसूख के नशे में चूर लोगों ने सालों तक कानून का मजाक उड़ाया।

फिक्सर के रूप में काम करता था एपस्टीन

इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि एपस्टीन केवल एक फाइनेंसर नहीं था, बल्कि वह दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर लोगों के लिए एक ‘फिक्सर’ की भूमिका निभाता था। उसके रसूख के संरक्षण में हजारों महिलाओं और नाबालिग लड़कियों की तस्करी की गई और उनका शोषण हुआ। फाइलों का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह है जो यह प्रमाणित करता है कि कैसे सिस्टम ने जानबूझकर इस अपराधी का बचाव किया।

टूट गया नैतिकता का भ्रम

एपस्टीन फाइल्स उन तथाकथित बुद्धिजीवियों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के चेहरे से नकाब हटाती हैं जो सार्वजनिक मंचों पर मानवाधिकारों की दुहाई देते थे, लेकिन बंद दरवाजों के पीछे एपस्टीन के कुख्यात द्वीप का हिस्सा थे। दस्तावेजों में ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं जहां उच्च पदों पर बैठे राजनेताओं और उद्योगपतियों ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एपस्टीन के खिलाफ होने वाली जांचों को रुकवाया या कमजोर किया।

न्याय की नई उम्मीद

साल 2019 में जेल में हुई एपस्टीन की रहस्यमयी मौत के बाद कई राज दफन हो गए थे, लेकिन इन लाखों पन्नों के सार्वजनिक होने से पीड़ितों को न्याय की एक नई किरण दिखाई दे रही है। अब खोजी पत्रकार और कानूनी विशेषज्ञ इन फाइलों की परतें खोल रहे हैं। आने वाले हफ्तों में कई और बड़े नामों के सामने आने की प्रबल संभावना है। यह मामला दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि जब बिना जवाबदेही के शक्ति और पैसा एक जगह जमा होता है, तो वह कितना विनाशकारी हो सकता है।

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