Jamshedpur News: भारतीय धातु संस्थान (आईआईएम) जमशेदपुर चैप्टर, टाटा स्टील लिमिटेड, सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) और एनआईटी जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की छात्र संगोष्ठी “बिहाइंड द टीचर्स डेस्क (बीटीटीडी-2026)” का बुधवार को सीएसआईआर-एनएमएल परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। 17 से 19 जून तक चलने वाली इस तीन दिवसीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों से 150 से अधिक छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, शिक्षक और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा संगोष्ठी स्मारिका का विमोचन कर किया। इस अवसर पर आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अतनु रंजन पाल, बीटीटीडी-2026 के अध्यक्ष डॉ. चिरदीप घोष तथा आयोजन संयोजक डॉ. ललित कुमार मीणा समेत बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, शिक्षाविद और छात्र उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. संदीप घोष चौधरी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में धातुकर्म, सामग्री विज्ञान और खनिज क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार सीखने और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं डॉ. अतनु रंजन पाल ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों का समाधान उच्च गुणवत्ता वाली, किफायती और टिकाऊ सामग्रियों के विकास से ही संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
संगोष्ठी अध्यक्ष डॉ. चिरदीप घोष ने बताया कि इस वर्ष लगभग 40 संस्थानों से प्रतिभागी शामिल हुए हैं और 104 तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों के अलावा मेटालर्जिकल क्विज, मेटा-रियल क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिता और औद्योगिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे। प्रतिभागी संस्थानों में आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, आईआईटी खड़गपुर, एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी दुर्गापुर, एनआईटी पटना, एनआईटी रायपुर, एनआईटी राउरकेला, एनआईटी तिरुचिरापल्ली, एनआईटी वारंगल, बीआईटी मेसरा, बीआईटी सिंदरी, जादवपुर विश्वविद्यालय, आईआईईएसटी शिबपुर, एनआईएएमटी रांची, सीएसआईआर-एनएमएल तथा एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (एसीएसआईआर) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं।
डॉ. ललित कुमार मीणा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए आयोजन समिति, सलाहकार समिति और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी के दौरान डॉ. सुजॉय हाजरा, फादर डॉ. जोसेफ मैथ्यू, श्री सब्यसाची रॉय और डॉ. विवेक श्रीवास्तव के विशेष कीनोट व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें उद्योग, अनुसंधान और शिक्षा जगत से जुड़े नवीनतम विषयों पर चर्चा होगी। यह संगोष्ठी युवा इंजीनियरों और शोधार्थियों को ज्ञान-विनिमय, नवाचार और तकनीकी सहयोग का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।
