Jamshedpur News: नई शिक्षा नीति (NEP) में कथित खामियों और शैक्षणिक सत्रों में लगातार हो रही देरी के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने शनिवार को जोरदार आंदोलन की शुरुआत की। साकची स्थित बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर छात्रों ने अपने आंदोलन का आगाज किया, जिसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के कद्दावर नेता अंबुज ठाकुर का पूर्ण समर्थन मिला।

आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि जब से नई शिक्षा नीति लागू हुई है, शैक्षणिक व्यवस्था में भारी अव्यवस्था फैल गई है। समय पर परीक्षाओं का आयोजन नहीं हो रहा है, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों ने कहा कि इस देरी के कारण वे गंभीर मानसिक तनाव झेल रहे हैं और अपने करियर को लेकर भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

आउटसोर्स शिक्षकों का संकट और वेतन का मुद्दा

छात्रों ने कॉलेजों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत पढ़ा रहे शिक्षकों की चिंताजनक स्थिति को भी उठाया। उन्होंने बताया कि इन शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। इसका सीधा और नकारात्मक असर पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

AISF ने प्रशासन से परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार करने, नई शिक्षा नीति से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने और आउटसोर्स शिक्षकों के वेतन का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। AISF ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। CPI नेता अंबुज ठाकुर ने छात्रों के संघर्ष को न्यायसंगत बताते हुए कहा कि पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

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