Tehran, Iran: होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, यूएई के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय चालक की मौत हो गई, जबकि छह अन्य भारतीयों समेत कुल आठ लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

Read more: होर्मुज पर बढ़ा तनाव, ईरान का दावा- 24 घंटे में 26 जहाजों का हुआ संचालन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास ‘मोंबासा’ और ‘बाहिया’ नामक दो टैंकरों को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इन जहाजों पर मिसाइलों से हमला हुआ, जिससे दोनों टैंकरों में आग लग गई और उन्हें भारी नुकसान पहुंचा। इस हमले में दो यूक्रेनी नागरिकों के घायल होने की भी सूचना है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

घटना के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप, खुजेस्तान प्रांत, अहवाज, अंदीमेश्क और फारुर द्वीप सहित कई स्थानों पर हमले किए गए। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा है कि उसकी कार्रवाई अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने टैंकर पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन बताया है। यूएई ने कहा कि मामले की निगरानी की जा रही है और नागरिकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

वैश्विक बाजार और सुरक्षा पर असर की आशंका

विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। ऐसे में किसी भी सैन्य टकराव से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

Read more: होर्मुज में छिड़ा भीषण महायुद्ध: ईरान ने 3 अमेरिकी जहाजों पर दागी मिसाइलें, खदेड़ी नौसेना

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है, तो इसका प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।

Share.
Exit mobile version