Tehran, (Iran): एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट में ईरान की मशहूर गायिका और संगीतकार परस्तू अहमदी को स्लीवलेस ड्रेस पहनना और हिजाब न लगाना बेहद भारी पड़ गया है। देश के कड़े इस्लामिक नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में ईरान की एक अदालत ने गायिका को 74 कोड़ों की कठोर सज़ा सुनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परस्तू अहमदी पर आरोप है कि उन्होंने देश के सख्त कानूनों की अनदेखी करते हुए हिजाब का पालन नहीं किया और एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान स्लीवलेस ड्रेस में अपनी प्रस्तुति दी। इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में एक बड़ा विवाद छिड़ गया है।

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पूरी प्रोडक्शन टीम को भी मिलेगी कोड़ों की सजा

ईरानी सिंगर को उनके पहनावे के कारण सुनाई गई इस दर्दनाक सज़ा की खबर सामने आने के बाद दुनिया भर के कई मानवाधिकार संगठनों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के ‘कोम प्रांत’ की एक शरीयत अदालत ने सिर्फ परस्तू अहमदी ही नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने वाली प्रोडक्शन टीम के आठ अन्य सदस्यों को भी 74-74 कोड़े मारने की सख्त सज़ा सुनाई है। इस सामूहिक सजा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं काफी बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में तर्क दिया है कि गायिका और उनकी टीम ने इंटरनेट पर ‘अश्लील कंटेंट’ परोसा है, और इस समाज विरोधी कृत्य के लिए उन्हें दंडित किया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य था।

करियर पर लगा ब्रेक, दो साल तक देश छोड़ने पर रोक

कोड़ों की शारीरिक प्रताड़ना के अलावा, अदालत ने परस्तू अहमदी पर अगले दो साल तक किसी भी व्यावसायिक काम या निजी यात्रा के लिए देश छोड़ने (विदेश जाने) पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही उन्हें दो साल तक ईरान के भीतर भी किसी भी तरह के सार्वजनिक इवेंट, म्यूजिक शो या लाइव कॉन्सर्ट में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे उनके संगीत करियर पर गहरा असर पड़ेगा। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर एक व्यापक वैश्विक बहस छिड़ गई है, जिसमें लोग इस दमनकारी कानून की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

दिसंबर 2024 के ऑनलाइन कॉन्सर्ट से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद दिसंबर 2024 में आयोजित हुए एक ऑनलाइन कॉन्सर्ट से जुड़ा हुआ है। इस डिजिटल कॉन्सर्ट में 29 वर्षीय परस्तू अहमदी ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर लाइव परफॉर्म किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान का एक बेहद लोकप्रिय देशभक्ति गीत ‘अज खूने जवानाने वतन’ गाया था, जिसे कुछ ही घंटों में लाखों लोगों ने देखा और पसंद किया था। लेकिन इस भावुक प्रदर्शन के दौरान परस्तू ने पारंपरिक हिजाब को हटाकर काले रंग की एक वेस्टर्न स्लीवलेस ड्रेस पहन ली थी।

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इसके तुरंत बाद ही सिंगर कानूनी मुश्किलों में घिरती चली गईं, क्योंकि ईरानी मोरल पुलिस और धार्मिक अधिकारियों ने इसे देश के इस्लामी कानून का स्पष्ट और खुला उल्लंघन बताया। इस विवाद के सतह पर आने के बाद परस्तू और उनकी पूरी तकनीकी टीम को हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन इस कॉन्सर्ट को लेकर अदालत में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रही। गौरतलब है कि ईरान में महिलाओं के लिए सार्वजनिक और डिजिटल जगहों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर जेल और कोड़े मारने का प्रावधान है।

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