Tehran, (Iran): मध्य पूर्व इस समय इतिहास के सबसे काले दौर से गुजर रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या ने क्षेत्र को एक ऐसे युद्ध में धकेल दिया है, जिसका अंत फिलहाल नजर नहीं आ रहा। सोमवार को ईरान ने अपने नेता की मौत का बदला लेते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागीं।
इजरायल में मची तबाही— ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के व्यावसायिक केंद्र तेल अवीव और बेत शेमेश को निशाना बनाया। बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (Synagogue) पर हुई मिसाइल गिरने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 28 घायल हो गए। इजरायल में कुल मौतों का आंकड़ा 10 तक पहुंच गया है। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने अपने सबसे घातक B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स को मोर्चे पर उतार दिया है, जो ईरान के भीतर रणनीतिक ठिकानों को ध्वस्त कर रहे हैं।
ईरान में मानवीय संकट: 200 से अधिक मौतें— रविवार और सोमवार को तेहरान के प्रशासनिक इलाकों पर अमेरिका-इजरायल की बमबारी जारी रही। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अब तक इन हमलों में 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। सबसे हृदयविदारक घटना एक स्कूल पर हुए हमले की है, जहां मरने वालों की संख्या 180 तक पहुंच गई है। तेहरान के आसमान में केवल धुएं का गुबार और सायरन की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
हवाई क्षेत्र बंद: विमानन क्षेत्र में अफरा-तफरी— युद्ध की तपिश ने वैश्विक उड़ानों को पूरी तरह ठप कर दिया है।
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एयर इंडिया: सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया ने 2 मार्च की मध्यरात्रि तक यूएई, सऊदी अरब, इजरायल और कतर की सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: दिल्ली से ज्यूरिख, कोपेनहेगन और बर्मिंघम जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री बीच रास्ते में फंसे हुए हैं।
खाड़ी देशों में भी हड़कंप— ईरानी हमलों का असर कतर, कुवैत और यूएई तक महसूस किया गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुए हमलों में 3 लोगों की मौत हुई है। कतर और कुवैत में देर रात धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद इन देशों ने अपने एयरस्पेस को सीमित कर दिया है।
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