फॉण्ट कनवर्टर NEW

भारत से राहत लेकर लौट रहे ईरानी विमान पर अमेरिकी हमला, ईरान ने कहा- ये वॉर क्राइम

Tehran, Iran: ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मानवीय सहायता सामग्री लेने भारत के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहे एक नागरिक विमान पर अमेरिकी हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। महान एयर के इस विमान पर हुए हमले के

अपनी भाषा में पढ़ें

Tehran, Iran: ईरान के मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मानवीय सहायता सामग्री लेने भारत के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहे एक नागरिक विमान पर अमेरिकी हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है। महान एयर के इस विमान पर हुए हमले के बाद ईरान ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे युद्ध अपराध (वॉर क्राइम) करार दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने इस हमले के जरिए न केवल मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन कानूनों का भी घोर उल्लंघन किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हवाई हमले में महान एयर का यह विमान काफी क्षतिग्रस्त हो गया है। यह विमान 1 अप्रैल की सुबह 4 बजे नई दिल्ली पहुंचने वाला था, जहां से इसे पूर्व नियोजित मानवीय सहायता मिशन के तहत राहत सामग्री लेनी थी। हाल ही में भारत ने भी ईरान को सहायता सामग्री भेजी थी और दोनों देश मिलकर मानवीय शिपमेंट पर काम कर रहे थे। इस हमले के कारण न केवल एक महत्वपूर्ण उड़ान बाधित हुई है, बल्कि उन हजारों लोगों तक पहुंचने वाली चिकित्सीय सहायता भी रुक गई है जिन्हें इसकी तत्काल आवश्यकता थी।

अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला

वर्तमान में ईरान अपनी पूरी ताकत इस घटना के अंतरराष्ट्रीय विरोध और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगा रहा है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। दूतावास ने सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के हवाले से स्पष्ट किया कि मानवीय मिशनों में लगे नागरिक विमानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नियमों और मानवीय कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है। यह विमान कई देशों से एकत्रित की गई राहत सामग्री, जिनमें जीवन रक्षक दवाएं और महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण शामिल थे, उन्हें लेकर भारत आने वाला था।

ईरान के अनुसार, दवाओं की आपूर्ति में बाधा डालना और सहायता ले जा रहे विमान पर हमला करना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को चुनौती देना है। कानूनी पहलुओं को रेखांकित करते हुए ईरानी दूतावास ने शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) का हवाला दिया। इन संधियों के अनुसार, नागरिक विमानों की सुरक्षा के विरुद्ध किया गया कोई भी कार्य अंतरराष्ट्रीय आपराधिक श्रेणी में आता है। इसके अतिरिक्त, जिनेवा कन्वेंशन के अतिरिक्त प्रोटोकॉल I के अनुच्छेद 52 के तहत नागरिक वस्तुओं और मानवीय सहायता ले जाने वाले साधनों पर हमला करना युद्ध अपराध माना जाता है। ईरान ने वैश्विक मंचों पर इस मुद्दे को उठाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram