Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»World»कुर्द लड़ाके गुफाओं में छिपे: अमेरिका का साथ न देकर ईरान को राहत!
World

कुर्द लड़ाके गुफाओं में छिपे: अमेरिका का साथ न देकर ईरान को राहत!

ईरान-अमेरिका युद्ध में कुर्द लड़ाके (PJAK) खामोश—ट्रंप का अह्वान ठंडा। पहलवी व इस्लामिक शासन में उत्पीड़न इतिहास, मेसोपोटामिया मूल निवासी 4 करोड़ कुर्द।
By Samsul HaqueMarch 31, 20264 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Tehran, Iran: ईरान के जानी दुश्मन कुर्द लड़ाके इस बार युद्ध में बिल्कुल खामोश हैं और पहाड़ों की गुफाओं से निकल ही नहीं रहे हैं। 28 फरवरी के बाद जब अमेरिका-इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया तो अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस अवसर का फायदा उठाकर कुर्द लड़ाके ईरान में लड़ाई के लिए आ सकते हैं। ईरान ने कुर्द समूह पर मिसाइल अटैक भी किया था। पहले डोनाल्ड ट्रंप ने भी कुर्द लड़ाकों का अह्वान किया था। उन्होंने 5 मार्च को कहा कि अच्छा होगा अगर कुर्द सेनाएं ईरान की सरकार पर हमला कर दें। इसके दो दिन बाद ही ट्रंप के सुर बदल गए और वह कहने लगे कि युद्ध को ज्यादा उलझाना ठीक नहीं, ऐसे में कुर्द लड़ाकों को इसमें शामिल होने की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर कुर्द लड़ाके भी किसी और देश की पैदल सेना नहीं बनना चाहते हैं।

बता दें कुर्द लड़ाके गुरिल्ला युद्ध में माहिर हैं। वे पहाड़ों की सुरंगों में भी रहते हैं। वे ईरान की खुफिया एजेंसियों और इराक में उनके सहयोगियों से छिपकर रहते हैं। कुर्दिस्तान फ्री लाइफ पार्टी (PJAK) इनका संगठन है जो दावा करता है कि वह ईरान की जमीन पर वापसी करेगा। PJAK अपने लड़ाकों की स्पष्ट संख्या भी नहीं बताता है।

उत्पीड़न का इतिहास

इतिहास पर नजर डालें तो ईरान के पहलवी राजवंश के शासनकाल में कुर्दों का उत्पीड़न किया गया था। 1979 में शाह के पतन के बाद इस्लामिक गणराज्य की सरकार का रवैया भी कुर्दों के प्रति अच्छा नहीं रहा। 2026 में भी जब ईरान में विरोध प्रदर्शन हुए तो ईरान की सेना ने कुर्दिश इलाकों में धावा बोलकर हजारों लोगों को मार डाला। ऐसे में कुर्द लड़ाके ईरान की सरकार के कट्टर विरोधी माने जाते हैं।

कुर्दों की पहचान व आबादी

जानकारी के मुताबिक कुर्द लोगों को मेसोपोटामिया का मूल निवासी बताया जाता है। सीरिया, इराक, ईरान और तुर्की का कुछ हिस्सा मेसोपोटामिया में आता था। मध्य पूर्व में अरबों, तुर्कों और फारसियों के बाद सबसे ज्यादा संख्या कुर्दों की है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यहां कुल कुर्दों की आबादी चार करोड़ के आसपास है। यूरोप में भी कुर्द लोग रहते हैं। जर्मनी में इनकी आबादी 10 लाख के करीब बताई जाती है। कुर्द ज्यादातर सुन्नी मुसलमान होते हैं और ये कुर्दिश भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कुर्द केवल इस्लाम धर्म ही नहीं मानते बल्कि बहुत सारे कुर्द यजीदी धर्म को भी मानते हैं। इसमें ईसाई धर्म, प्राचीन फारसी और इस्लाम का मिश्रण है। कुर्दों के ऐसे भी समूह हैं जो यहूदी, ईसाई, पारसी, यारसनिज्म धर्म को मानते हैं। इन्हें प्राचीन सभ्यता का माना जाता है।

कुर्द इतिहास का सफर

बताया जाता है कि कुर्द नाम सादवीं शताब्दी में पड़ा। इसी दौरान कुर्द कबीले इस्लाम के संपर्क में आए। इससे पहले और बाद में भी कुर्द लोग खानाबदोशों का जीवन जीते थे और भेड़-बकरियां पालते थे। कुर्दों के कई राजवंश भी हुए हैं जिनमें हसनवायिद, मरवानवायिद, अय्यूबिद शामिल हैं। इनका राज सिनाई से उत्तरी अफ्रीका और अरब के पश्चिमी हिस्से तक फैला था। कुर्दों की सबसे ज्यादा आबादी तुर्की में रहती है। 14वीं शताब्दी में ऑटोमन साम्राज्य का उन इलाकों पर कब्जा था जहां कुर्द लोग रहते थे। इस्तांबुल में करीब 30 लाख कुर्द रहते हैं। इसके अलावा ईरान, सीरिया में भी कुर्दों की संख्या काफी ज्यादा है। हालांकि उनके पास कोई स्वतंत्र देश नहीं है।

बता दें पहले विश्वयुद्ध के बाद कुर्द राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि तुर्की के स्वतंत्रता संग्राम के बाद इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। तुर्की ने उन इलाकों से कब्जा भी छोड़ दिया जिनपर ऑटोमन साम्राज्य हुआ करता था। अब इसे सीरिया और इराक कहा जाता है। 1922 में कुर्दिस्तान साम्राज्य की घोषणा की गई थी लेकिन इसका अस्तित्व ज्यादा दिनों तक नहीं रह सका।

Read more: गाजा सुरंगों में फंसे सैकड़ों हमास लड़ाके; चौंका रहे हैं इजरायल के दावे

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

हैती में ‘गैंग वॉर’ से हाहाकार: राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस से जान बचाकर भाग रहे हजारों लोग

May 12, 2026

फिलीपींस में राजनीतिक भूचाल: उपराष्ट्रपति सारा डुटरटे के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित

May 12, 2026

जॉर्जिया में नए धार्मिक अध्याय की शुरुआत: शियो तृतीय ने संभाली ऑर्थोडॉक्स चर्च की कमान

May 12, 2026

RECENT ADDA.

कोडरमा में कपड़ों के गोदाम में भीषण आग, 40 लाख का नुकसान

May 12, 2026

हिंदपीढ़ी में नशे के ‘होलसेल’ धंधे का भंडाफोड़, महिला समेत 6 गिरफ्तार

May 12, 2026

जमशेदपुर में सजा भव्य कवयित्री सम्मेलन, कविता और संस्कृति में डूबे लोग

May 12, 2026

चाईबासा में रोजगार और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा, DC ने दिए बड़े निर्देश

May 12, 2026

चाईबासा में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह, पंपों पर लगी लंबी कतारें

May 12, 2026
Today’s Horoscope

Recent Posts

  • कोडरमा में कपड़ों के गोदाम में भीषण आग, 40 लाख का नुकसान
  • हिंदपीढ़ी में नशे के ‘होलसेल’ धंधे का भंडाफोड़, महिला समेत 6 गिरफ्तार
  • जमशेदपुर में सजा भव्य कवयित्री सम्मेलन, कविता और संस्कृति में डूबे लोग
  • चाईबासा में रोजगार और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा, DC ने दिए बड़े निर्देश
  • चाईबासा में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह, पंपों पर लगी लंबी कतारें

Recent Comments

No comments to show.
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.