World News : पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने हालात को और नाजुक बना दिया है। इजराइल ने पुष्टि की है कि उसने ईरान की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल साइटों को निशाना बनाकर हमले शुरू कर दिए हैं और यह अभियान अभी जारी रहेगा। इजराइली रक्षा बल (IDF) ने एक बयान में कहा कि ईरान के पास अब भी ऐसे हथियार हैं जो इजराइल के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि ईरान के किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह खत्म किया जाएगा।
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली शमखानी की एक अस्पताल में रहस्यमयी मौत हो गई है। यह घटना इजराइली हमलों के ठीक एक दिन बाद हुई, जिससे उनके निधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। अली शमखानी न केवल ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रमुख रह चुके हैं, बल्कि उन्होंने सऊदी अरब और ईरान के बीच चीन की मध्यस्थता में हुई ऐतिहासिक सुलह वार्ता में भी अहम भूमिका निभाई थी।
संकट के इस समय में एक और बड़ा झटका अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित परमाणु वार्ता को लगा है। ओमान के मस्कट में रविवार को होने वाली यह बैठक अब रद्द कर दी गई है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि हालात भले ही कठिन हों, लेकिन संवाद और कूटनीति ही समाधान का रास्ता हैं।
इसी दौरान, इराक ने इजराइली लड़ाकू विमानों के कथित हवाई क्षेत्र उल्लंघन पर सख्त नाराजगी जताई है। बगदाद का कहना है कि इजराइली विमानों ने अमेरिका की मदद से इराकी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर ईरान पर हमले किए। इराक के सैन्य प्रवक्ता सबा अल-नुमान ने अमेरिका से स्पष्ट रूप से मांग की है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन करे और इजराइली विमानों को उनके आकाश मार्ग से उड़ान भरने से रोके। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को युद्ध जैसे हालात की ओर धकेल दिया है, जहां कूटनीति और शांति की उम्मीदें फिलहाल धुंधली नजर आ रही हैं।



