नई दिल्ली | एजेंसी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के रोमांच के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुशासन और खेल की गति को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई के नए फरमान के मुताबिक, अब मैच के दौरान मैदान के अंदर या बाउंड्री लाइन के पास केवल उन्हीं खिलाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी, जिनका नाम आधिकारिक ‘टीम शीट’ में शामिल होगा। इस नियम के लागू होने के बाद अब प्रत्येक टीम केवल 16 खिलाड़ियों को ही मैदान के भीतर सक्रिय रख पाएगी।

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क्या है 16 खिलाड़ियों का गणित?— रिपोर्ट के अनुसार, टीम शीट में शामिल होने वाले इन 16 खिलाड़ियों में 11 खिलाड़ी वे होंगे जो ‘प्लेइंग इलेवन’ का हिस्सा हैं। इनके अलावा, 1 खिलाड़ी ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में और बाकी 4 खिलाड़ी रिजर्व के तौर पर रखे जा सकेंगे। इन 16 खिलाड़ियों के अतिरिक्त टीम का कोई भी अन्य सदस्य, चाहे वह कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो, मैच के दौरान मैदान पर प्रवेश नहीं कर सकेगा।

मैदान पर ड्रिंक्स और मैसेज ले जाने पर रोक— बीसीसीआई ने खेल के दौरान अनावश्यक देरी को कम करने के लिए यह नियम बेहद सख्त कर दिया है। अब टीम शीट से बाहर रहने वाले खिलाड़ी ड्रिंक्स, बैट या ग्लव्स लेकर मैदान में नहीं जा सकेंगे और न ही वे खेल रहे खिलाड़ियों तक कोई रणनीति या मैसेज पहुंचा पाएंगे। बाउंड्री लाइन और एलइडी विज्ञापन बोर्ड के बीच केवल 5 खिलाड़ी ही विशेष ‘बिब’ पहनकर खड़े हो सकते हैं, जबकि बाकी सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से डगआउट में ही बैठना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?— माना जा रहा है कि बीसीसीआई ने यह कदम एमपीसी (Match Playing Conditions) के क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4 को सख्ती से लागू करने के लिए उठाया है। अक्सर देखा जाता है कि ड्रिंक्स ब्रेक या ग्लव्स बदलने के बहाने टीमें समय बर्बाद करती हैं और मैदान पर खिलाड़ियों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। अनुशासन बनाए रखने और खेल की रफ्तार (Over Rate) को बेहतर करने के उद्देश्य से लिया गया यह फैसला खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। नियमों की अनदेखी करने पर टीम पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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