Chaibasa news: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास एवं उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में हाल के दिनों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकारी योजनाओं और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही आवश्यक सहायता और सुविधाओं के लिए मुख्यालय से राशि की मांग भेजने पर भी विचार किया गया।

उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके परिवारों को समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए। विशेष रूप से कन्यादान योजना और मंईया सम्मान योजना का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

बैठक में आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना तथा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा विभिन्न बीमा योजनाओं से जोड़कर आवश्यक लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों के परिवार की महिला सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।

बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, सामाजिक मुख्यधारा में उनकी भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लाभुकों तक पहुंचाया जा सके।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान), जिला कल्याण पदाधिकारी, उपसमाहर्ता प्रभारी सामान्य शाखा, जिला परिवहन पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक विशेष शाखा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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