Ranchi : विजयादशमी के बाद शहर के विभिन्न जलाशयों में होने वाले प्रतिमा विसर्जन और आगामी छठ महापर्व को लेकर रांची नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में महासप्तमी के अवसर पर नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने निगम टीम के साथ कई तालाबों का निरीक्षण किया और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण अभियान में चडरी तालाब, जेल तालाब, बड़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर), जोड़ा तालाब और पीएचईडी तालाब शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने स्पष्ट कहा कि निगम का उद्देश्य केवल व्यवस्था करना ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा उपायों को लेकर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

चडरी तालाब

चडरी तालाब के निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने आकर्षक लैंडस्केपिंग पर जोर दिया। साथ ही, नालियों पर स्लैब लगाने, सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और तालाब क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जेल तालाब

जेल तालाब में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और दो हाई मास्ट लाइट लगाने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, बाउंड्री वॉल के बाहर अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने का भी निर्देश प्रशासक ने अधिकारियों को दिया।

बड़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर)

बड़ा तालाब का विशेष महत्व देखते हुए प्रशासक ने इसके कायाकल्प पर बल दिया। उन्होंने पेवर ब्लॉक सुधारने, हाई मास्ट लाइट और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था करने, व्यापक सफाई अभियान चलाने और वेंडिंग जोन विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तालाब में अपशिष्ट पदार्थ डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों के अनुसार फाइन लगाया जाएगा।

जोड़ा तालाब एवं पीएचईडी तालाब

जोड़ा तालाब और पीएचईडी तालाब के लिए विशेष सफाई, पाथवे की स्वच्छता, समतलीकरण और अन्य सिविल कार्यों को तत्काल पूरा करने का निर्देश दिया गया।

विसर्जन प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश

  • सभी मूर्ति विसर्जन के निर्धारित मार्गों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रतिमा विसर्जन के 24 घंटे के भीतर मूर्तियों के अवशेष जल से बाहर निकाले जाएंगे।
  • चिन्हित स्थलों पर जलकुंड का निर्माण होगा, जिन्हें बांस और ग्रीन नेट से घेरा जाएगा।
  • गहरे स्थलों पर लाल रिबन, बांस और सूचना पट्ट के माध्यम से सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
  • निगम सुपरवाइजर्स स्थल पर मौजूद रहेंगे और पूजा समितियों से समन्वय स्थापित करेंगे। इसके अलावा, Biodegradable और Non-Biodegradable सामग्री को अलग-अलग संग्रहित किया जाएगा।
  • पूजा समितियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिमा विसर्जन केवल निर्धारित स्थलों पर ही करें। साथ ही, प्लास्टिक, थर्मोकोल और अन्य प्रदूषण फैलाने वाली सामग्री का उपयोग न करें।
  • विसर्जन उपरांत तालाबों की त्वरित सफाई कर पुनः स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

प्रशासक का संदेश

प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि निगम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तत्परता से पिछले वर्ष व्यवस्थाएं की गई थीं, उसी प्रकार इस वर्ष भी पूजा समितियों और निगम के बीच समन्वय के साथ सभी धार्मिक आयोजन पारंपरिक तरीके से सम्पन्न होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि निगम स्वच्छता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। यह प्रयास किया जाएगा कि तालाबों और जलाशयों में प्रदूषण न फैले और लोग स्वच्छ माहौल में पूजा-पाठ कर सकें। निरीक्षण के दौरान अपर प्रशासक संजय कुमार, उप प्रशासक गौतम प्रसाद साहू, सहायक प्रशासक सहित अभियंत्रण और विद्युत शाखा की टीम मौजूद रही।

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