Ramgarh : जिले में खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को विभिन्न योजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों, विद्यालयों, अस्पताल तथा खाद्यान्न गोदाम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।

निरीक्षण की शुरुआत मॉडल आंगनबाड़ी नर्सरी स्कूल, ग्राम कुंद्रुकला (कोड 424) से हुई। केंद्र में नामांकित 27 बच्चों में सभी उपस्थित पाए गए, हालांकि बच्चों ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन अंडा नहीं मिलता। सेविका ने अंडा की बढ़ती कीमत को इसका कारण बताया। वहीं गर्भवती महिलाओं ने पोषाहार मिलने की पुष्टि की। इसके बाद रांची रोड, वार्ड नंबर-1 स्थित दो राशन दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां लाभुकों ने पूरा राशन, ई-पॉस पर्ची मिलने और किसी प्रकार की शिकायत न होने की बात कही।

आयोग की प्रभारी अध्यक्ष ने राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय, मरार एवं राजकीयकृत मध्य विद्यालय, भरीचनगर का भी निरीक्षण किया। भरीचनगर विद्यालय में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर गंभीर खामियां पाई गईं। बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने, सप्ताह में केवल एक दिन अंडा और एक दिन फल दिए जाने तथा मड़ुआ हलुआ में मिलावट पाए जाने पर आयोग ने नाराजगी व्यक्त की और भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार का निर्देश दिया।

साण्डी प्रखंड स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र (कोड 607) में बच्चों को प्रतिदिन अंडा मिलने की बात सामने आई, जबकि सेविका ने बच्चों के ड्रेस की कमी की जानकारी दी। इसके साथ ही झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के गोदाम का निरीक्षण किया गया, जहां अनाज का रख-रखाव संतोषजनक पाया गया।

सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र में निरीक्षण के दौरान केवल दो बच्चे भर्ती पाए गए। माताओं ने उपचार, भोजन एवं प्रतिदिन मिलने वाली सहायता राशि पर संतोष जताया। आयोग ने कुपोषित बच्चों की पहचान कर अधिक से अधिक भर्ती कराने हेतु जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया।

इसी क्रम में परिसदन भवन, रामगढ़ में झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। प्रभारी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अत्यंत गरीब एवं असहाय व्यक्तियों को इस कोष से बाजार दर पर 10 किलो राशन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उन्होंने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में इस मद की राशि सुनिश्चित की जाए।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा वितरण में अनियमितता पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के समक्ष नाराजगी जताते हुए प्रतिदिन अंडा वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही निगरानी समिति की नियमित बैठक कराने, मृत या अयोग्य लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाने एवं योग्य व्यक्तियों को जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।

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