World News: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी पर प्रस्तावित नहर परियोजना को लेकर विरोध अब हिंसक रूप ले चुका है। मंगलवार को नौशहरो फिरोज जिले के मोरो शहर में प्रदर्शनकारियों ने सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के आवास में आग लगा दी। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई कंटेनरों को भी आग के हवाले कर दिया। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी झड़प हुई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने किया हमला और लूटपाट

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग सुरक्षा संगठन के कर्मियों पर हमला कर दिया। कुछ उपद्रवियों ने एक ट्रेलर से उर्वरक से भरे बैग भी लूट लिए और मौके से फरार हो गए। बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कई स्थानों पर नाकाबंदी की है।

मंत्री ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर ने अपने आवास में आगजनी की पुष्टि करते हुए कहा कि जो लोग कानून के शासन को चुनौती दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द कानून व्यवस्था बहाल की जा सके।

कॉमन इंटरेस्ट काउंसिल ने लगाई परियोजना पर रोक

28 अप्रैल को कॉमन इंटरेस्ट काउंसिल ने यह निर्णय लिया कि जब तक सभी प्रांतों में इस परियोजना को लेकर आम सहमति नहीं बनती, तब तक इस पर रोक लगी रहेगी। लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

दो की मौत, कई घायल

घटनास्थल पर हुई झड़प में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि एक डीएसपी समेत छह पुलिसकर्मी और अन्य कई लोग घायल हो गए हैं। यह चोलिस्तान नहर परियोजना, जो सिंधु नदी से छह नहरों के निर्माण की योजना है, सिंध प्रांत की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और केंद्र की शहबाज शरीफ सरकार के बीच विवाद का मुख्य कारण बन चुकी है। सिंध के कई राजनीतिक दल इस परियोजना को सिंध के जल अधिकारों के खिलाफ मान रहे हैं।

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