Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»World»हिंदी-चीनी भाई-भाई? ड्रैगन के लिए भारत में खुलेंगे सरकारी खजाने के दरवाजे!
World

हिंदी-चीनी भाई-भाई? ड्रैगन के लिए भारत में खुलेंगे सरकारी खजाने के दरवाजे!

भारत और चीन के रिश्तों में जमी बर्फ पिघल रही है। वित्त मंत्रालय चीनी कंपनियों पर लगी 5 साल पुरानी पाबंदियां हटाने की तैयारी में है। जानें क्या है पीएमओ का नया प्लान।
By Samsul HaqueJanuary 10, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

India News: राजनीति और कूटनीति की दुनिया में कहा जाता है कि न कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही स्थायी दुश्मन। भारत और चीन के रिश्तों में भी कुछ ऐसा ही बदलाव देखने को मिल रहा है। जिस ड्रैगन से गलवान घाटी में भिड़ंत के बाद हमने दूरी बना ली थी, अब उसी के लिए सरकारी ठेकों के दरवाजे फिर से खोलने की तैयारी चल रही है। सूत्र बता रहे हैं कि वित्त मंत्रालय उस योजना पर काम कर रहा है, जिससे चीनी कंपनियों पर लगी पांच साल पुरानी पाबंदियां खत्म हो सकती हैं।

ट्रंप का ‘टैरिफ वॉर’ और भारत की नई चाल?

इस बड़े बदलाव के पीछे अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी हाथ माना जा रहा है। ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाने और पाकिस्तान की ओर झुकाव दिखाने के बाद, नई दिल्ली ने अपनी रणनीति बदल दी है। सात साल बाद प्रधानमंत्री मोदी के चीन दौरे ने इस दोस्ती की बुनियाद रखी। अब सीधी उड़ानें शुरू हो रही हैं और चीनी पेशेवरों के लिए वीजा प्रक्रिया भी आसान कर दी गई है।

पाबंदियों से भारत को फायदे की जगह हुआ नुकसान?

सरकारी गलियारों में यह चर्चा आम है कि 2020 में लगाई गई पाबंदियों ने भारत के कई बड़े प्रोजेक्ट्स को लटका दिया। उदाहरण के तौर पर, रेल मंत्रालय की एक बड़ी परियोजना से चीनी कंपनी को बाहर करने के बाद काम में देरी हुई और लागत भी बढ़ गई। कई विभागों ने केंद्र सरकार से शिकायत की है कि चीनी कंपनियों को हटाने से बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो गई, जिससे भारतीय प्रोजेक्ट्स महंगे और सुस्त हो गए हैं। इसी ‘कमी और देरी’ को दूर करने के लिए अब चीनी कंपनियों को वापस बुलाने का मन बनाया जा रहा है।

पीएमओ की मुहर का है इंतजार?

हालांकि, यह इतना आसान भी नहीं है। भले ही वित्त मंत्रालय पाबंदियां हटाने के पक्ष में हो, लेकिन आखिरी फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ही लेना है। सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं, इसलिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) पर फिलहाल कड़े नियम जारी रह सकते हैं। लेकिन अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो भारत के कंस्ट्रक्शन, टेक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चीनी कंपनियों की धमक फिर से सुनाई देगी।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में भीषण धमाका, 54 घायल और 18 लापता

June 22, 2026

ईरान-अमेरिका से वैश्विक बाजार से गायब हुआ 115 करोड़ बैरल तेल, बढ़ी चिंता

June 22, 2026

युद्धविराम पर सहमत हुए इजरायल और हिज्बुल्लाह, लेकिन तनाव अभी बरकरार

June 19, 2026

RECENT ADDA.

रांची–सासाराम इंटरसिटी सहित कई ट्रेनें 27 जून तक रद्द, रूट डायवर्जन ने बढ़ाई रेल यात्रियों की मुश्किलें

June 22, 2026

अलकतरा घोटाला: ठेकेदार झमन प्रसाद को 3 साल की जेल, अदालत ने लगाया भारी जुर्माना

June 22, 2026

दो नाबालिग मौसेरी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुशील उरांव दोषी करार

June 22, 2026

टाटा स्टील वायर रॉड मिल में वेज रिवीजन को लेकर सुगबुगाहट तेज

June 22, 2026

निहंगों के उत्पात से उत्तराखंड में भारी तनाव, बुलाई गई ITBP की टीम

June 22, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.