Buxar: बिहार के बक्सर जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां शव दफनाने के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध न होने से नाराज नट समुदाय के लोगों ने मंगलवार को सिमरी–पुराना भोजपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। चांदपाली गांव के पास ग्रामीण अनिल नट के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे, जिससे कई घंटों तक आवागमन ठप रहा और राहगीरों को भारी किल्लत झेलनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से जिस जमीन पर शव दफनाते आ रहे थे, वह अब रैयती (निजी) घोषित हो चुकी है। जमीन के मालिक अब वहां शव दफनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण समुदाय के लोग अपनों के निधन के बाद शव लेकर भटकने को मजबूर हैं। नंदलाल नट और राजेश नट समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन को कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक कब्रिस्तान या शव दफन के लिए सरकारी जमीन मुहैया नहीं कराई गई है।
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रशांत कुमार और थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि भविष्य में स्थायी जमीन का बंदोबस्त किया जाएगा। फिलहाल, तात्कालिक समाधान के रूप में अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे ही शव को दफन कराया गया, जिसके बाद जाम हटाया जा सका।
भले ही अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुल गया हो, लेकिन नट समुदाय के बीच स्थायी समाधान न होने को लेकर अब भी गहरा असंतोष और चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जमीन का आवंटन नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।



