चैनपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड की बामदा पंचायत में, लोकपाल सहवान शेख ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत चल रही सभी योजनाओं का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने विशेष रूप से बामदा के पकनी, जयरागी और चन्दगो गाँवों में चल रहे कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण में शामिल अधिकारी
निरीक्षण के दौरान, ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (बीपीओ) कांति कुमारी, बामदा पंचायत के मुखिया सीताराम मुंडा, कनीय अभियंता संदीप तिवारी और संजय उरांव, सहायक अभियंता सुमित खलखो और रोजगार सेवक अर्जुन मंडल भी मौजूद थे। लोकपाल सहवान शेख ने योजनाओं की भौतिक जांच कर काम की गुणवत्ता परखी और अधिकारियों एवं लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुखिया और अधिकारियों को निर्देश
लोकपाल ने पंचायत के मुखिया सीताराम मुंडा से बामदा को एक मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को बाहर काम करने से रोकने के लिए उनका जॉब कार्ड बनाया जाए और पलायन की समस्या को कम किया जाए।
शेख ने मुखिया को बताया कि विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को मनरेगा के तहत मंजूरी दी जा सकती है। उन्होंने बीपीओ कांति कुमारी को निर्देश दिया कि बामदा पंचायत से आने वाली मनरेगा योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि इसे एक उदाहरण के रूप में पेश किया जा सके।

लाभार्थियों के लिए जरूरी निर्देश
निरीक्षण के दौरान, लोकपाल ने लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर स्वीकृत योजना में बोर्ड लगाना अनिवार्य है और दीदी बाड़ी एवं आम बागवानी में घेराव करना आवश्यक है। इन निर्देशों का उद्देश्य पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

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