Islamabad, (Pakistan): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान के स्वास्थ्य और जेल की स्थितियों को लेकर चल रहे विवादों के बीच एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। लंदन से आए इमरान के बेटे कासिम खान ने आखिरकार रावलपिंडी की कड़ी सुरक्षा वाली अदियाला जेल में अपने पिता से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद कासिम ने सोशल मीडिया पर अपने पिता का एक झकझोर देने वाला संदेश साझा किया है, जिसमें इमरान खान ने पाकिस्तान की न्यायपालिका और मौजूदा सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगला है।

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कासिम द्वारा जारी किए गए संदेश में इमरान खान ने न्यायपालिका के प्रति अपनी गहरी नफरत और नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि देश के जजों को अपनी भूमिका पर शर्म आनी चाहिए क्योंकि वे अपनी आत्मा बेच चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जब सत्ता में बैठे लोग उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से नहीं तोड़ पाए, तो उन्होंने उनकी पत्नी बुशरा बीबी को ढाल बनाकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। खान ने बुशरा बीबी के साथ जेल में हो रहे व्यवहार को पूरी तरह अमानवीय और इस्लाम की मान्यताओं के खिलाफ बताया।

मुलाकात के बदले 24 घंटे का ‘नरक’

इमरान खान ने जेल प्रशासन के सख्त रवैये का खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें अपने बेटे से मात्र 30 मिनट की मुलाकात करने की इजाजत दी गई। लेकिन इस छोटी सी खुशी के बदले उन्हें 24 घंटे की कठिन ‘आइसोलेशन’ (एकांत कारावास) की सजा भुगतनी पड़ती है। 72 वर्षीय खान अगस्त 2023 से सलाखों के पीछे हैं और फिलहाल अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं।

आंखों की रोशनी पर गहराया संकट

इमरान के दोनों बेटे, सुलेमान और कासिम, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने पिता के मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जेल में सही इलाज न मिलने के कारण इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी लगभग खत्म होने की कगार पर है। हालांकि, सरकार इन दावों को खारिज करते हुए कह रही है कि खान की सेहत में सुधार है। इमरान के वकील लतीफ खोसा ने उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए अस्पताल स्थानांतरित करने की याचिका भी दायर की है। पिता-पुत्र की इस मुलाकात ने पाकिस्तान की सुलगती राजनीति में एक बार फिर चिंगारी लगा दी है, जहां न्यायपालिका और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच का टकराव अब और गहराता दिख रहा है।

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