Ranchi: सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक चंद्रदेव महतो के लिए आज का दिन कानूनी और राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक रहा। झारखंड हाई कोर्ट ने उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को न केवल सिरे से खारिज कर दिया, बल्कि इसे राजनीति प्रेरित मानते हुए याचिकाकर्ता पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगा दिया। न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई में ही यह स्पष्ट कर दिया कि याचिका में विधायक के खिलाफ कोई भी ठोस आधार मौजूद नहीं है।
अस्पष्ट आरोपों पर कोर्ट की फटकार
यह याचिका सिंदरी चुनाव में फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रत्याशी हीरालाल शंखवार की ओर से दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप था कि चंद्रदेव महतो ने चुनाव आयोग को अपने आपराधिक मामलों की गलत जानकारी दी और जनता को गुमराह किया। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि लगाए गए आरोप बेहद सामान्य और अस्पष्ट हैं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह याचिका केवल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को परेशान करने और प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से डाली गई थी।
लोकतंत्र और जनादेश की जीत
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि भविष्य में बिना किसी ठोस दस्तावेजी प्रमाण के ऐसी याचिकाओं को हतोत्साहित करने के लिए ही याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले के बाद सिंदरी विधानसभा क्षेत्र में जश्न का माहौल है। विधायक के समर्थकों का कहना है कि यह केवल कोर्ट की जीत नहीं, बल्कि सिंदरी की जनता के उस जनादेश की जीत है जिसे कुछ लोग कानूनी दांव-पेंच से झुठलाना चाहते थे।
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कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाई कोर्ट का यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी नजीर है जो चुनावी हार के बाद आधारहीन आरोपों के जरिए अदालती कार्यवाही का दुरुपयोग करते हैं। फिलहाल, इस फैसले ने विधायक चंद्रदेव महतो की राजनीतिक स्थिति को और अधिक मजबूत कर दिया है।



