Ranchi : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 23 दिसंबर 2025 को झारखंड मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। इस बैठक में आदिवासी स्वशासन को मजबूती देने से लेकर शिक्षा, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, नियुक्ति नियमावली, पर्यावरण संरक्षण और कर्मचारियों के कल्याण जैसे विषयों पर विस्तार से निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 के गठन को मंजूरी देकर पेसा कानून को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इससे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलेगी तथा आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को संवैधानिक मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह निर्णय सुशासन और जनभागीदारी को मजबूत करेगा।

शिक्षा क्षेत्र में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई है। इससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक क्षमता में सुधार होगा। साथ ही राज्यस्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों एवं समन्वयकों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

आधारभूत संरचना के विकास को गति देते हुए दुमका जिले में चमराबहियार से बरदानीनाथ मंदिर पथ और बमनडीहा लिंक पथ के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण के लिए लगभग 31.87 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं जमशेदपुर क्षेत्र में बहरागोड़ा से दरीशोल चौक तक मानवशमुदिया सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 41.24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में केंद्र प्रायोजित मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत पूरक पोषाहार कार्यक्रम में लाभार्थियों को टेक होम राशन (टीएचआर) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति अनुबंध की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन हेतु मार्गदर्शिका को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को और मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में कई मामलों में कर्मचारियों की सेवा नियमित करने और उन्हें अनुमान्य वित्तीय लाभ देने का निर्णय लिया गया। इनमें सेवानिवृत्त और कार्यरत लिपिकों सहित कई कर्मियों के लंबित मामलों का समाधान किया गया, जिससे कर्मचारियों में संतोष और विश्वास का माहौल बनेगा।

राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न परीक्षा संचालन नियमावलियों में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सरकारी सेवाओं में राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए आयु सीमा निर्धारण का भी निर्णय लिया गया। परिवहन निदेशालय के अंतर्गत मोटरयान निरीक्षक के 21 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई, जिससे विभागीय कार्यक्षमता बढ़ेगी।

स्वास्थ्य विभाग में अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण एक चिकित्सा पदाधिकारी और एक दंत चिकित्सक को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हिन्डालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड से संबंधित क्षतिपूरक वनरोपण हेतु बड़ी मात्रा में भूमि के स्थायी हस्तांतरण को मंजूरी दी गई। इससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत जर्जर सरकारी कार्यालयों और आवासीय परिसरों के पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ एमओयू निष्पादन हेतु एसओपी को स्वीकृति दी गई।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र में राजकीय बेकन फैक्ट्री, कांके को पुनर्जीवित करने तथा भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान से तकनीकी सहयोग लेने जैसे फैसले भी लिए गए। साथ ही झारखंड संस्कृति संवर्ग नियमावली-2025 और राज्य कारा लिपिक-सह-कंप्यूटर संचालक संवर्ग नियमावली-2025 के गठन को भी मंजूरी दी गई।

मुख्य बिंदु

  • पेसा नियमावली 2025 को मंजूरी
  • विश्वविद्यालय में पदों का पुनर्गठन
  • दुमका व जमशेदपुर में सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति
  • आंगनबाड़ी पोषण और मिशन वात्सल्य को मजबूती
  • हाईकोर्ट आदेशों के तहत सेवा नियमितीकरण
  • JSSC नियमावली में संशोधन और नए पदों का सृजन
  • पर्यावरण संरक्षण और पुनर्विकास योजनाओं को मंजूरी
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