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Home»India»लिव-इन पार्टनर को भी मिलेगी पेंशन? दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र को बड़ा निर्देश!
India

लिव-इन पार्टनर को भी मिलेगी पेंशन? दिल्ली हाईकोर्ट का केंद्र को बड़ा निर्देश!

क्या सरकारी कर्मचारी की लिव-इन पार्टनर को पेंशन मिल सकती है? दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से इस पर विचार करने को कहा है। जानें क्या है पूरा कानूनी मामला।
By Samsul HaqueJanuary 12, 20262 Mins Read
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India News: राजधानी दिल्ली की अदालतों से अक्सर ऐसे फैसले आते हैं जो समाज की सोच और सरकारी नियमों को चुनौती देते हैं। ताजा मामला दिल्ली हाईकोर्ट का है, जिसने केंद्र सरकार के पाले में एक ऐसी गेंद डाल दी है जिससे सरकारी कर्मचारियों के पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव आ सकता है। हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से विचार करने को कहा है कि क्या किसी कर्मचारी की लिव-इन पार्टनर और उसके बच्चों को फैमिली पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा सकता है।

दशकों पुराना रिश्ता और ‘छिपाई नहीं गई’ सच्चाई

मामला एक ऐसे कर्मचारी का है जो 1983 से अपनी पत्नी के छोड़ जाने के बाद दूसरी महिला के साथ रह रहा था。 इस रिश्ते से उनके दो बच्चे भी हुए। खास बात यह रही कि कर्मचारी ने कभी भी अपने इस रिश्ते को विभाग से नहीं छिपाया。 लेकिन जब रिटायरमेंट की बारी आई और उसने अपनी पार्टनर व बच्चों का नाम ‘पेंशन पेमेंट ऑर्डर’ (PPO) में जुड़वाना चाहा, तो विभाग ने इसे गलतबयानी बताते हुए उसकी पेंशन और ग्रेच्युटी का 50 फीसदी हिस्सा रोकने की पेनल्टी लगा दी।

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘पेंशन रोकना गलत’

जस्टिस नवीन चावला और मधु जैन की बेंच ने इस मामले में कर्मचारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) के उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया, जिसने पेंशन कटौती को सही ठहराया था। बेंच ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब कर्मचारी ने अपना रिश्ता कभी नहीं छिपाया, तो उसके परिवार को लाभ देने से इनकार करना गलत है। कोर्ट ने आदेश दिया कि कर्मचारी को रोकी गई पूरी राशि 6 फीसदी ब्याज के साथ दी जाए।

अब केंद्र सरकार के पाले में फैसला

अदालत ने संबंधित सरकारी विभाग को निर्देश दिया है कि वह याचिकाकर्ता की उस अपील पर गंभीरता से विचार करे, जिसमें उसने अपनी लिव-इन पार्टनर और बच्चों को फैमिली पेंशन और CGHS (स्वास्थ्य) सुविधाओं के दायरे में लाने की मांग की है। अब सबकी नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर हैं। अगर सरकार इस पर सकारात्मक फैसला लेती है, तो यह देश के हजारों ऐसे कर्मचारियों के लिए एक नजीर बन जाएगा जो लिव-इन रिश्तों में रह रहे हैं।

इस खबर को भी पढ़ें : रेलवे पेंशनर्स का विरोध प्रदर्शन, आठवें वेतन आयोग और महंगाई भत्ते पर उठाई मांग

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