Ranchi News: झारखंड की औद्योगिक पहचान कही जाने वाली हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (HEC) को लेकर पिछले कई महीनों से बंद होने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन आखिरकार केंद्र सरकार ने इस अटकल पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया है कि HEC को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे फिर से खड़ा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
भारी घाटे के बावजूद सरकार ने दिखाया भरोसा
1958 में स्थापित यह इकाई कभी भारत के स्टील, खनन, रक्षा और परमाणु क्षेत्रों की रीढ़ मानी जाती थी। लेकिन पिछले सात साल से लगातार संकट गहराता गया और अब 4300 करोड़ रुपये की देनदारी इसका रास्ता रोक रही है। इसके बावजूद भारी उद्योग मंत्रालय ने संसदीय समिति को भरोसा दिलाया है कि HEC को पुनर्जीवन की राह पर लाया जाएगा।
भेल से 800 करोड़ के ऑर्डर, 100 करोड़ की तत्काल राहत
सरकार ने बताया कि भेल से 800 करोड़ रुपये के कार्यादेश जल्द जारी होंगे। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये के उपकरणों का डिस्पैच भी तुरंत शुरू किया जाएगा। यह कदम HEC के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार की दिशा में सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। सालों से बंद पड़ी मशीनों और अधूरे प्रोजेक्ट्स को इससे फिर से रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों में खुशी, यूनियनों ने जताई राहत
हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन से लेकर बीएमएस तक, सभी ने इसे बड़ी जीत बताया है। करीब 1153 स्थायी और 1623 ठेका कर्मचारी जो महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे थे, अब उम्मीद के साथ काम पर लौटने की बात कर रहे हैं। सीएमडी के.एस. मूर्ति ने भी कहा- “मशीनें नहीं रुकेंगी, HEC फिर खड़ी होगी। हमने जीत की दिशा में पहला कदम उठा लिया है।”
अगर पुनरुद्धार योजना सफल होती है, तो झारखंड की औद्योगिक धड़कन एक बार फिर तेज होगी और हजारों परिवारों को स्थिर भविष्य मिल सकेगा। रांची की फैक्ट्रियों में फिर से मशीनों की आवाज लौट आएगी।



