Jamshedpur News: लौहनगरी जमशेदपुर का हृदय स्थल साकची गुरुवार को रणक्षेत्र बनते-बनते रह गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब भाजपा जिला मुख्यालय के घेराव का बिगुल फूंका, तो माहौल में बारूद की गंध तैरने लगी। जैसे ही कांग्रेस का जत्था आगे बढ़ा, जवाब में भाजपा कार्यकर्ता भी हाथों में लाठी-डंडे और झंडे लेकर सड़कों पर उतर आए। दोनों ओर से हो रही नारेबाजी और तमतमाए चेहरों ने साकची के तापमान को अचानक बढ़ा दिया।

पेट्रोल पंप के पास ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा: पुलिस बनी दीवार

स्थिति तब और नाजुक हो गई जब दोनों दलों के कार्यकर्ता बंगाल क्लब के समीप पेट्रोल पंप के पास एक-दूसरे के बिल्कुल करीब आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अगर पुलिस समय रहते बीच में न आती, तो वहां खूनी संघर्ष तय था। घटनास्थल के ठीक बगल में पेट्रोल पंप होने के कारण प्रशासन की सांसें फूली हुई थीं, क्योंकि छोटी सी चिंगारी भी बड़े जान-माल के नुकसान का सबब बन सकती थी। जमशेदपुर पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए भारी बैरिकेडिंग की और कार्यकर्ताओं को खदेड़कर स्थिति को काबू में किया।

आमने-सामने थे जिलाध्यक्ष: साकची में पुलिस छावनी जैसा नजारा

कांग्रेस की ओर से मोर्चा खुद नए जिलाध्यक्ष परविन्द्र सिंह संभाले हुए थे, तो वहीं भाजपा की कमान जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा के हाथों में थी। चर्चा है कि कांग्रेस के इस ‘सरप्राइज’ प्रदर्शन के लिए भाजपा पहले से ही मुस्तैद थी, यही वजह रही कि देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जुट गए। पुलिस के आला अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और भारी बल की तैनाती कर दी गई। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और साकची में पुलिस छावनी जैसा नजारा बना हुआ है।

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