रांची: झारखंड विधानसभा का बजट सत्र जनहित के फैसलों का गवाह बन रहा है। सत्र के तीसरे दिन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रदेश की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली ‘सहिया बहनों’ के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के उपलक्ष्य में राज्य की लगभग 43,000 सहिया कार्यकर्ताओं को 24,000 रुपये का एकमुश्त भुगतान करेगी।

सहिया बहनों के हक की बात

विधायक निर्मल महतो ने सदन में आंदोलनरत सहिया बहनों का मुद्दा उठाते हुए उनके नियमित भुगतान और लंबित मांगों पर सरकार का ध्यान खींचा था। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सहिया बहनों के योगदान का सम्मान करती है। हाल ही में इनका मानदेय 2,000 से बढ़ाकर 4,000 रुपये किया गया था और अब यह एकमुश्त प्रोत्साहन राशि उनके आर्थिक सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित होगी।

जमशेदपुर MGM अस्पताल : पानी की समस्या पर तीखे सवाल

बजट सत्र के दौरान जमशेदपुर स्थित MGM अस्पताल की बदहाली, विशेषकर पानी की किल्लत का मुद्दा भी गरमाया। वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल का उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन बुनियादी जल व्यवस्था नहीं होने के कारण ऑपरेशन तक टालने पड़ रहे हैं। विधायक पूर्णिमा देवी ने भी अस्पताल के प्रसूति वार्ड और महिलाओं को होने वाली परेशानियों को प्रमुखता से उठाया।

6 महीने में स्थायी समाधान का वादा

विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि अस्पताल में जल स्तर नीचे होने के कारण बोरिंग सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने घोषणा की कि मानगो नगर निगम को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। अगले 6 महीनों में अस्पताल को सीधे पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। तब तक वैकल्पिक रूप से टैंकरों के जरिए आपूर्ति जारी रहेगी। विधायक मंगल कालिन्दी ने टाटा स्टील के सहयोग से डिमना लेक से पानी लाने का महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में भरोसा दिलाया कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों की सुविधा के लिए प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है।

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