रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। जिले के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए इस संयुक्त छापामार अभियान में गैंग का बेहद खतरनाक और कुख्यात शूटर शिवराज उर्फ शिवा डोम पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया है। पुलिस की एक गोली उसके पैर में लगी है, जिसके बाद उसे बेहद सूझबूझ के साथ दबोच लिया गया।

मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि पुलिस टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर पहले अपराधी शिवराज उर्फ शिवा को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने भारी मात्रा में हथियार छिपाकर रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम उसे साथ लेकर भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के रिवर साइड केंद्रीय विद्यालय के पास हथियार बरामद करने गई थी। लेकिन जैसे ही मौका-ए-वारदात पर उसके हाथ छिपाए गए हथियार लगे, उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर ही सीधी फायरिंग झोंक दी। पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जो सीधे शिवराज के पैर में लगी। घायल अपराधी का प्राथमिक इलाज पहले सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा में कराया गया, जिसके बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रामगढ़ सदर अस्पताल और फिर आगे बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। मौके से पुलिस ने दो अवैध पिस्टल और 59 जिंदा गोलियां बरामद की हैं।

कई खूंखार गैंग्स के लिए कर चुका है काम

एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि अपराधी शिवराज का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह इसी साल 14 मई को जमानत पर जेल से बाहर आया था। इससे पहले वह इलाके के कुख्यात राहुल दुबे गैंग और श्रीवास्तव गैंग के लिए भी सक्रियता से काम कर चुका है। मौजूदा समय में उसने विदेशों से ऑपरेट हो रहे फरार गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग और सुजीत सिन्हा गिरोह के साथ हाथ मिला लिया था। जेल से बाहर आते ही वह किसी बड़ी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के फिराक में था।

बिहार से मंगाए थे आधुनिक हथियार

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शिवराज ने हाल ही में किसी बड़ी आपराधिक योजना को पूरा करने के लिए बिहार से चार अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस मंगाए थे। उसकी इन संदिग्ध गतिविधियों पर रांची और धनबाद पुलिस की भी पैनी नजर थी, जिसके बाद रामगढ़ पुलिस को लगातार इनपुट देकर आगाह किया जा रहा था। वह झारखंड के किसी भी जिले में बड़ी रंगदारी या हत्या की वारदात कर सकता था।

साथी आरिज़ के घर से भी मिले हथियार

गिरफ्तार शूटर शिवराज उर्फ शिवा से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने एक और बड़ा खुलासा किया। उसने बताया कि बिहार से मंगाए गए हथियारों में से दो पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस उसने अपने एक साथी को सुरक्षित रखने के लिए दिए थे। इस जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कुजू ओपी क्षेत्र के तोपा माइन्स कॉलोनी में धावा बोला। वहां आरिज़ आलम नामक युवक के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने छिपाकर रखे गए दो अन्य हथियार और 21 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए। पुलिस ने आरिज़ को भी सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है और उससे नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है।

इस बड़े और सफल अभियान में धनबाद-रांची पुलिस के अलावा रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत, पतरातू एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार, पतरातू थाना प्रभारी शिवलाल गुप्ता और बरकाकाना ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा सहित भारी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल थे।

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