गुमला (डुमरी): आकांक्षी प्रखंड डुमरी की बदहाली स्वस्थ कर्मियों की गलती का खामियाज झेल रहे प्रखंड के लठाटोली गांव में एक सरकारी टीकाकरण अभियान उस वक्त मातम में बदल गया, जब एक माह छह दिन के मासूम की टीका लगने के मात्र 1 घंटा 30 मिनट के भीतर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और टीकाकरण की सुरक्षा के दावों की भी पोल खोल दी है।
टीकारण के 90 मिनट बाद एक महीना छ: दिन का बच्चा की हुई मौत
परिजनों के अनुसार, बच्चे को गांव में चल रहे टीकाकरण अभियान के दौरान वहां तैनात एएनएम सुषमा टोप्पो ने बच्चे को टीका लगाया। परिजनों का आरोप है कि टीका लगने के कुछ ही देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, शरीर में अकड़न आई और वह लगातार रोने लगा। आरोप है कि टीकाकरण के बाद जो अनिवार्य निगरानी होनी चाहिए थी, वह नहीं की गई।
परिजनों का गंभीर आरोप “संवेदनहीनता ने ली जान”
आक्रोशित परिजनों ने एएनएम पर सीधी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर न तो उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और न ही उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन दवाओं और ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। परिजनों ने कहा कि”जब सरकार सुरक्षित टीकाकरण का दम भरती है, तो फिर हमारा बच्चा कैसे मर गया? अगर नर्स और विभाग थोड़ा भी जिम्मेदार होते, तो शायद मेरा बच्चा आज जीवित होता।”
मुखिया पहुंची गांव और लोगो के साथ की बैठक
इस संबंध में स्थानीय मुखिया ज्योति बहेर देवी के कहा कि मुझे पता चला कि कल टीकाकरण था ग्राम लठाटोली में टीकाकरण के दौरान नर्स सुषमा टोपो के द्वारा लठाटोली की शिवानी कुमारी, पिता मुकुंद नायक की बेटी 1 महीना 6 दिन की थी और उसको टीकाकरण लगभग डेढ़ बजे दिया गया और 3 बजे उसका देहांत हो गया। जब गांव पर आई तो मुझे पता चला कि बच्ची का टीकाकरण होते रिएक्शन कर गया होगा और उसका अचानक मृत्यु हो गया। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हुए और हमें भी बुलाए तो यहाँ पर आने के बाद पता चला कि सुषमा नर्स जन्म प्रमाण पत्र बनाने में 1000 पैसा लेती है और साथ ही प्रसव कराने भी पैसा लेती है उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर भागीटोली में भी उनका लोगों के साथ व्यवहार अच्छा नहीं रहता है जिससे ग्रामीण में आक्रोश देखा गया और ग्रामीणों का मांग है कि नर्स सुषमा टोप्पो को यहाँ से हटाया जाए और जल्द से जल्द उस पर कानूनी कारवाई भी किया जाए।
स्पष्टीकरण में सिमट जाएगी या होगी करवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अलबेल केरकेट्टा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, “मीडिया के माध्यम से घटना की सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। संबंधित एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
“घटना के बाद से लठाटोली और आसपास के क्षेत्रों में डर और गुस्से का माहौल है।ग्रामीणों का सवाल है कि क्या यह जांच केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाएगी या वाकई गरीब परिवार को न्याय मिलेगा? चर्चा इस बात की भी है कि कहीं मामले को रफा-दफा करने की कोशिश तो नहीं होगी।फिलहाल, ग्रामीणों ने आरोपी नर्स के तत्काल निलंबन और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।



