Chaibasa News: गुरुवार दोपहर गुवा स्थित सेल (SAIL) की लौह अयस्क खदान में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पानी छिड़काव के लिए जा रहा 50 टन क्षमता वाला पानी टैंकर अचानक पलट गया। हादसा खदान के एक टर्निंग पॉइंट पर हुआ, जहां भारी वाहन चढ़ाई चढ़ते समय असंतुलित हो गया। टैंकर के पलटते ही उसका केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक cum ऑपरेटर राजकुमार सिंह अंदर फंस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वजन ज्यादा होने और ऊबड़-खाबड़ रास्ते की वजह से वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिसके बाद टैंकर सीधे उलट गया। आसपास के कर्मचारियों ने तत्काल मशीनरी की मदद से घायल चालक को बाहर निकाला और गुवा सेल अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के ब्रह्मानंद अस्पताल रेफर कर दिया गया।
कर्मचारियों में आक्रोश, प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप
हादसे की खबर फैलते ही खदान क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। कर्मचारी हादसे से दहशत में थे और यूनियन के नेताओं ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि खदान में वर्षों से पुरानी और जर्जर गाड़ियां चलाई जा रही हैं, जो मजदूरों की जान के लिए सीधा खतरा हैं। उन्होंने कहा, “यह हादसा सेल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। मजदूर हर दिन जोखिम उठाकर काम कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन इसकी सुध नहीं ले रहा।” यूनियन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच शुरू, क्षतिग्रस्त वाहन हटाने की प्रक्रिया जारी
फिलहाल सेल सुरक्षा विभाग और पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है। क्षतिग्रस्त पानी टैंकर को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यूनियन का कहना है कि यदि सुरक्षा उपायों को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में विरोध तेज किया जाएगा। कर्मियों का कहना है कि खदान में काम करने वालों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वरना ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।



