रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए पुलिस कप्तान (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत की एक खास मुहिम रंग लाती दिख रही है। जिले में पुलिसिंग का एक नया और असरदार रूप देखने को मिल रहा है, जहाँ सिर्फ सिपाही ही नहीं, बल्कि पुलिस के आला अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) कर रहे हैं।

इसी कड़ी में शुक्रवार को पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राघवेंद्र शर्मा खुद एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने भुरकुंडा क्षेत्र के व्यस्त इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ पैदल मार्च किया। भुरकुंडा जीएम कॉलेज से शुरू होकर बोतल मोड़ तक चले इस मार्च के जरिए उन्होंने आम जनता के बीच पुलिस की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई और लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

क्या है ‘प्रहरी’ पहल और इसके मायने?

पैदल गश्त के दौरान स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों से बातचीत करते हुए एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा ने इस विशेष अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामगढ़ पुलिस ने आम जनता को सुरक्षित माहौल देने और सड़क पर होने वाले छोटे-बड़े अपराधों को रोकने के उद्देश्य से ‘प्रहरी’ पहल की शुरुआत की है।

“इस ‘प्रहरी’ पहल का मुख्य मकसद थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की भौतिक (Physical) मौजूदगी को बढ़ाना है। जब अधिकारी खुद सड़क पर होंगे, तो अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। इसके तहत एंटी-क्राइम चेकिंग, चौराहों पर होने वाली अड्डेबाजी के खिलाफ सख्त अभियान और नियमित पैदल पेट्रोलिंग को शामिल किया गया है।”राघवेंद्र शर्मा, एसडीपीओ (पतरातू)

लफंगों, छेड़खानी करने वालों और अवैध पार्किंग पर सीधा निशाना

रामगढ़ पुलिस की इस मुहिम के तहत कुछ प्रमुख समस्याओं पर सीधे तौर पर चोट की जा रही है, जो आम जनता विशेषकर महिलाओं और राहगीरों को रोज परेशान करती हैं:

  • मनचलों और अड्डेबाजों पर नकेल: शाम के वक्त बाजारों और कॉलेजों के आसपास जुटने वाले अराजक तत्वों और अड्डेबाजी करने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।

  • यातायात व्यवस्था होगी सुगम: सड़कों के किनारे होने वाली अवैध पार्किंग, जिसके कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है, उसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • एंटी-क्राइम चेकिंग: संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को पहले ही रोका जा सके।

भुरकुंडा के सड़कों पर जब अधिकारियों को खुद गश्त लगाते देखा गया, तो स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस कदम की जमकर सराहना की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान जिले के हर कोने में इसी तरह जारी रहेगा ताकि आम जनता बिना किसी डर के सुरक्षित महसूस कर सके।

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