Ramgarh : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गुरुवार को लुकैयाटांड़ (नेमरा, गोला) पहुंचकर शहीद सोबरन सोरेन के 68वें शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष यह दिन हम सभी को उन बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने झारखंड की अस्मिता को सुरक्षित रखने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने शहीद सोबरन सोरेन को अपने दादा के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि यह स्थान केवल एक स्मृतिस्थल नहीं, बल्कि हमारी संघर्षशील विरासत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड वीर सपूतों की धरती है, जहां हर कोने में किसी न किसी शहीद का इतिहास बसता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल, जमीन की रक्षा तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। कई वीर सपूतों की हत्या कर दी गई, कुछ को जेल में डाल दिया गया, लेकिन उनके संकल्प और त्याग ने झारखंड की अलग पहचान को आकार दिया। उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है—हमें एकजुट होकर अपने हक-अधिकार और राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल 28 नवंबर 2025 को पूरा हो रहा है। इस अवसर पर 10 हजार से अधिक युवक-युवतियों को सरकारी नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल नौकरी नहीं दे रही बल्कि स्वरोजगार के विविध साधन भी तैयार कर रही है, ताकि लोग अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
कार्यक्रम में विधायक ममता देवी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी और भारी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शहीद सोबरन सोरेन के योगदान को याद करते हुए राज्य के विकास में जनसहभागिता की अहम भूमिका पर भी जोर दिया गया।



