New Delhi: देशभर में पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों पर शिकंजा और कसने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) विधेयक पेश किया है। इसमें संगठित पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जुर्माने की सीमा 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही जांच और मुकदमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया गया है।
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सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल और फर्जीवाड़े से निपटने के लिए 2024 में केंद्रीय कानून लागू किया गया था। इसके दायरे में यूपीएससी, एसएससी, एनटीए, रेलवे भर्ती बोर्ड और आईबीपीएस समेत केंद्र सरकार की अधिसूचित परीक्षाएं आती हैं।
पेपर लीक पर और सख्त होगा कानून
मौजूदा कानून में अलग-अलग अपराधों की गंभीरता के अनुसार जेल और जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध के मामलों में पांच से दस साल तक की जेल और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान रखा गया था। नए संशोधन विधेयक में गंभीर मामलों में सजा को और कठोर बनाने तथा संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जुर्माने की सीमा 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव है।
90 दिनों में केस निपटाने पर जोर
संशोधन में जांच और ट्रायल को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक पेपर लीक मामलों की जांच तय समय सीमा के भीतर पूरी करने के लिए विशेष जांच व्यवस्था की जाएगी। मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में कराने और करीब 90 दिनों के भीतर मुकदमों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति और अपीलों के जल्द निस्तारण की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है।
मिलीभगत पर कंपनियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई
प्रस्तावित व्यवस्था में कार्रवाई केवल पेपर लीक करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा एजेंसी, आईटी सर्विस प्रोवाइडर, डेटा मैनेजमेंट कंपनी, परीक्षा केंद्र संचालक या उनके अधिकारियों की मिलीभगत सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकेगी। परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल फॉरेंसिक और परीक्षा केंद्रों की निगरानी मजबूत करने जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया है।
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विधेयक को कानून बनने के लिए संसद से मंजूरी और इसके बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति की आवश्यकता होगी। इसके लागू होने के बाद सार्वजनिक परीक्षाओं में संगठित गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और कड़ी हो सकती है।




