Lucknow: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक साधारण पंक्चर बनाने वाले दुकानदार के नाम पर गुपचुप तरीके से 100 करोड़ रुपये का टर्नओवर (कारोबार) दिखाने वाली एक फर्जी कंपनी संचालित की जा रही थी। इतना ही नहीं, इस फर्जी कंपनी पर करीब 28 करोड़ रुपये का केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) भी बकाया है। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित दुकानदार को टैक्स बकाए का आधिकारिक समन मिला। समन मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
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बहन की शादी के लिए मांगा था कर्ज, मिला धोखा
गोरखपुर के रामपुर बुजुर्ग निवासी राज प्रजापति, जो अपनी आजीविका चलाने के लिए एक साधारण पंक्चर की दुकान चलाते हैं, उनके नाम से ‘मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ नामक फर्जी कंपनी चलाए जाने का खुलासा हुआ है। इस कंपनी पर 28 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सीजीएसटी बकाया देखकर खुद टैक्स अधिकारी भी दंग रह गए।
पीड़ित राज प्रजापति के अनुसार, साल 2024 में उनकी बहन की शादी थी और उन्हें पैसों की सख्त ज़रूरत थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति से उधार (कर्ज) मांगा था। उस व्यक्ति ने रुपये दिलाने के नाम पर राज से उनकी पहचान के मुख्य दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिए। इसके साथ ही लोन की प्रक्रिया का बहाना बनाकर दो बार वीडियो क्लिप बनवाई और कई कोरे कागजों पर हस्ताक्षर (सिग्नेचर) भी करा लिए। इन्हीं गोपनीय दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर शातिर ठगों ने राज के नाम पर फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करा ली और एक निजी बैंक (एस बैंक) में फर्जी खाता भी खुलवा लिया।
मार्च में पंक्चर की दुकान पर पहुंची जांच टीम
फरवरी 2026 में वाराणसी की सीजीएसटी खुफिया टीम को इस फर्जी कंपनी के जरिए 100 करोड़ रुपये के संदिग्ध कारोबार और उस पर 28 करोड़ रुपये के बकाया सीजीएसटी टैक्स की प्रारंभिक जानकारी मिली थी। इसके बाद मार्च 2026 में जब जांच टीम के अधिकारी तफ्तीश करते हुए राज प्रजापति की पंक्चर की दुकान पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर पूरी तरह दंग रह गए। एक साधारण सी झोपड़ीनुमा दुकान चलाने वाले शख्स के नाम पर करोड़ों का बिजनेस चल रहा था।
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इसके बाद, 27 मई को राज को सीजीएसटी वाराणसी कार्यालय से एक आधिकारिक समन प्राप्त हुआ, जिसमें उन्हें 29 मई को अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया गया था। इस सरकारी समन को देखते ही गरीब दुकानदार के होश उड़ गए।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच में जुटी एसआईटी
अचानक मुसीबत में फंसे राज प्रजापति ने तुरंत गोरखपुर के एम्स (AIIMS) थाने में लिखित तहरीर देकर अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी और दस्तावेजों का दुरुपयोग करने वाले जालसाजों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित की शिकायत पर गोरखपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस हाई-प्रोफाइल वित्तीय धोखाधड़ी की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




