Giridih News: गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के गादी गांव में सोमवार सुबह ऐसा हादसा हुआ जिसे गांव वाले लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। घने कोहरे के बीच अचानक हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। कुछ ही मिनटों में दो लोगों की जान चली गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

बारी की ओर गई थीं शांति देवी, सामने था हाथियों का झुंड

सुबह करीब छह बजे शांति देवी रोज की तरह अपनी बारी की ओर निकली थीं। लेकिन कोहरे की वजह से उन्हें अंदाजा ही नहीं हुआ कि हाथियों का एक झुंड ठीक पास ही खड़ा है। जैसे ही वे नजदीक पहुंचीं, झुंड ने उन पर हमला कर दिया। शांति देवी मौके पर ही गिर पड़ीं और उनकी मौत हो गई।

बचाने पहुंचे बोधि पंडित भी कुचले गए, एक अन्य महिला घायल

ग्रामवासी बोधि पंडित जब शांति देवी की चीखें सुनकर वहां पहुंचे, तो हाथियों ने उन पर भी हमला कर दिया। उन्हें भी झुंड ने बेरहमी से कुचल दिया। इस दौरान पेशम गांव की 40 वर्षीय सुदामा देवी भी हाथियों की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन मौके पर, राहत कार्य शुरू

घटना की खबर मिलते ही जिप सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, भाजपा नेता, ओपी पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गांव में शोक और दहशत का माहौल है। गिरिडीह के डीएफओ मनीष तिवारी ने बताया कि यह हादसा तब हुआ जब लोग शौच के लिए या खेतों की ओर निकल रहे थे। मृतक परिवारों को प्रारंभिक मुआवजा दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हाथियों के झुंड को सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार काम कर रही है।

गांव में दहशत, हाथियों का झुंड अभी भी इलाके में सक्रिय

ग्रामवासियों का कहना है कि झुंड बीते कुछ दिनों से इलाके के आसपास मंडरा रहा था। लेकिन सोमवार की सुबह हुए इस भीषण हमले ने लोगों को डरा दिया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और सुबह के समय खेतों की ओर अकेले न जाएं।

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