Rome: जब हाथों में कलम और किताबों की जगह नफरत के पत्थर थमाए जाते हैं और सोशल मीडिया का रील्स कल्चर युवाओं को अपराध की अंधी दौड़ में धकेल देता है, तो जवाबदेही सिर्फ कानून की नहीं बल्कि घर की चारदीवारी की भी तय होनी चाहिए। मेलोनी सरकार का यह सख्त फैसला दुनिया भर के देशों के लिए एक नजीर है कि जब परवरिश की ढिलाई सड़कों पर सार्वजनिक संपत्ति फूंकने लगे, तो उसकी भरपाई भी उन्हीं कंधों को उठानी पड़ेगी जिन्होंने समय रहते आंखें मूंद रखी थीं।
पीएम जॉर्जिया मेलोनी का कड़ा रुख?
इटली के मिलान शहर में हाल ही में भड़की भीषण हिंसा, लूटपाट और सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़ के बाद पीएम जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने उपद्रवियों पर कड़ा प्रहार करने की रणनीति तैयार की है। मेलोनी प्रशासन ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ में नाबालिगों द्वारा किए गए नुकसान का हर्जाना अब सीधे उनके माता-पिता से वसूला जाएगा। इसके साथ ही मिलान में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए साल के अंत तक 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करने का भी निर्णय लिया गया है।
14 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिगों पर चलेगा मुकदमा, भारी जुर्माने का प्रावधान
सरकार की नई कार्ययोजना के तहत 14 वर्ष से अधिक आयु के नाबालिगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और मुकदमा चलाने की प्रक्रिया को सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत हिंसक प्रदर्शनों, आगजनी और तोड़फोड़ में संलिप्त पाए जाने वाले आरोपियों को 5 वर्ष तक के कारावास और 20 हजार यूरो (लगभग 18 लाख रुपये) तक के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मंत्रिपरिषद ने इस संबंध में एक आपात आदेश पारित कर दिया है, जिससे हिंसक तत्वों की तत्काल धरपकड़ सुनिश्चित की जा सकेगी।
मिलान में 10 लाख यूरो का नुकसान, AI से नकाबपोशों की पहचान
शनिवार को मिलान में आयोजित प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों ने कई दुकानों में लूटपाट की, इमारतों में आगजनी की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार, इस हिंसा में करीब 10 लाख यूरो का भारी नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों पर हमले और तोड़फोड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सरकार अब चेहरा छिपाकर उपद्रव करने वाले नकाबपोशों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उन्नत तकनीकों का सहारा ले रही है।
सोशल मीडिया से प्रेरित होकर पहुंचे युवा, सरकार ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसक गतिविधियों में कम उम्र के किशोरों और नाबालिगों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जांच में सामने आया है कि इनमें से बड़ी संख्या में युवा सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद छोटे-छोटे समूहों में एकत्रित होकर हिंसा करने पहुंचे थे। कई नाबालिगों पर दुकानों से चोरी करने और तोड़फोड़ के वीडियो बनाकर ऑनलाइन प्रचारित करने के आरोप लगे हैं। मेलोनी ने कहा कि ऐसी खतरनाक प्रवृत्तियों को शुरुआती चरण में ही कुचलना आवश्यक है, ताकि यह अन्य युवाओं के लिए नकल का जरिया न बन सके।





