Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जेटेया थाना कांड संख्या 12/2014 से जुड़े अवैध हथियार और उग्रवादी गतिविधि के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त गंगाधर केराई को दोषी करार देते हुए छह वर्ष की सजा सुनाई है। यह मामला 1 सितंबर 2014 को दर्ज किया गया था, जिसमें अभियुक्त के खिलाफ आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
अभियुक्त गंगाधर केराई, पिता स्वर्गीय मानय केराई, निवासी पोखरिया, थाना जेटेया, जिला पश्चिमी सिंहभूम पर अवैध हथियार और गोली-बारूद रखने के साथ-साथ प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन से जुड़े होने का गंभीर आरोप था। पुलिस अनुसंधान में आरोपों की पुष्टि होने के बाद अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
चाईबासा पुलिस ने मामले की जांच के दौरान साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित किया और माननीय न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद सत्रवाद संख्या 197/2015 के तहत मामले का विधिवत विचारण हुआ। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए अभियुक्त को दोषी ठहराया।
5 फरवरी 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने अभियुक्त गंगाधर केराई को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत दोषी पाते हुए छह वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।
न्यायालय के इस फैसले को अवैध हथियारों के उपयोग और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है।



