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Spirituality Desk: सनातन धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद पवित्र, मंगलकारी और पुण्यदायी माना जाता है। हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि को यह पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर मां गंगा का स्वर्ग से राजा भागीरथ की कठिन तपस्या के बाद धरती पर अवतरण हुआ था। इस वर्ष गंगा दशहरा का यह महापर्व 26 मई को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी में स्नान, जप-तप, कीर्तन और मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के कायिक, वाचिक और मानसिक समेत कुल दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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हिंदू मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन केवल गंगा स्नान ही नहीं, बल्कि दान-पुण्य करने का भी एक अद्वितीय महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस विशेष दिन पर कुछ खास चीजों का दान करने से जीवन के बड़े से बड़े दुख और दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
गंगा दशहरा पर इन 3 चीजों का दान माना गया है महादान:
1. जल का दान सनातन परंपरा में जल दान को सबसे बड़ा और उत्तम दान माना गया है, खासकर ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी के दौरान इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को मिट्टी के घड़े या कलश में शीतल जल भरकर दान करना चाहिए। इसके अलावा, इस दिन राहगीरों और प्यासे लोगों को मीठा शर्बत पिलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और कुंडली के कई ग्रह दोष शांत होते हैं।
2. अन्न का दान जल की ही तरह गंगा दशहरा के दिन अन्न दान करने का भी विशेष विधान है। अपने जीवन के कष्टों और दरिद्रता को दूर करने के लिए इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी गरीब या ब्राह्मण को अनाज का दान अवश्य करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि गंगा दशहरा के दिन व्यक्ति को कम से कम 10 मुट्ठी अनाज का दान जरूर करना चाहिए, क्योंकि ‘दस’ की संख्या का इस पर्व से गहरा संबंध है।
3. सत्तू का दान उत्तर भारत में सत्तू को एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक खाद्य पदार्थ माना जाता है, जो मुख्य रूप से भुने हुए चने, जौ आदि को पीसकर तैयार किया जाता है। गर्मी के मौसम में सत्तू का शर्बत न केवल भूख मिटाता है, बल्कि शरीर और पेट को अद्भुत ठंडक भी प्रदान करता है। यही वजह है कि भीषण गर्मी से राहत देने वाले इस पौष्टिक सत्तू का दान गंगा दशहरा पर सर्वोत्तम और शुभ फल देने वाला माना गया है।
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