रांची: झारखंड में रसोई गैस (LPG) की डिलीवरी को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी अफरा-तफरी पर अब लगाम लगने वाली है। राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को रांची में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सड़कों पर गैस सिलेंडरों की डिलीवरी का नजारा अब दोबारा नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई भी एजेंसी सड़क पर सिलेंडर बांटते या उपभोक्ताओं को परेशान करते पाई गई, तो उस पर सीधी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

7 से 10 दिनों में सामान्य होगी स्थिति

मंत्री ने राज्य के प्रमुख शहरों रांची, जमशेदपुर और धनबाद में गैस के बढ़ते बैकलॉग (लंबित डिलीवरी) पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर इन बड़े शहरों में सप्लाई चेन क्यों लड़खड़ाई है? मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने विभाग को आदेश दिया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर स्थिति को पूरी तरह सामान्य किया जाए और घर-घर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।

शिकायत के लिए डायल करें 1967

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मंत्री ने 1967 हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को डिलीवरी में देरी, गैस की कमी या एजेंसी की मनमानी का सामना करना पड़ता है, तो वे तुरंत इस नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, उन्होंने शादी-विवाह और आगामी धार्मिक त्योहारों को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है ताकि खुशियों के बीच ‘आंच’ धीमी न पड़े।

कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं

डॉ. अंसारी ने साफ कर दिया कि आपूर्ति में बाधा डालने वाले बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा। सभी जिलों के अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि अब उपभोक्ताओं को गैस के लिए लंबी कतारों और सड़कों की भागदौड़ से जल्द निजात मिलेगी।

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