रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को लोक भवन (राजभवन) में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। इस 17 सदस्यीय दल में न केवल भारतीय रक्षा अधिकारी शामिल थे, बल्कि इथोपिया, बांग्लादेश, फ्रांस, ब्राजील और जापान जैसे मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधि भी थे। राज्यपाल ने उन्हें संबोधित करते हुए झारखंड की अनूठी पहचान, यहाँ के सरल जीवन और प्राकृतिक संपदा से रूबरू कराया।

प्रकृति और परंपराओं का संगम है झारखंड

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि झारखंड केवल खनिजों का प्रदेश नहीं है, बल्कि यह वीरों की वह भूमि है जहाँ का जनजातीय समाज आज भी प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर जीता है। उन्होंने कहा कि यहाँ के पर्व-त्योहार और जीवन शैली पूरी दुनिया के लिए पर्यावरण संरक्षण का एक जीवंत उदाहरण हैं। राज्यपाल ने विशेष रूप से आग्रह किया कि मेहमान राज्य के विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थलों और जलप्रपातों का दीदार जरूर करें।

खेल जगत में झारखंड का दबदबा

प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख मेजर जनरल हरतेज सिंह बजाज द्वारा राज्य की खेल संभावनाओं पर चर्चा छेड़ने पर राज्यपाल ने गर्व के साथ महेंद्र सिंह धोनी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हॉकी, तीरंदाजी और फुटबॉल में झारखंड की बेटियों ने वैश्विक पटल पर भारत का परचम लहराया है। उन्होंने राज्य की महिलाओं के जज्बे की सराहना करते हुए बताया कि ‘लखपति दीदी योजना’ के जरिए ग्रामीण महिलाएं आज आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

आम जनता के लिए खुले राजभवन के द्वार

एक दिलचस्प जानकारी साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि राजभवन का भव्य उद्यान अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। यहाँ 100 से अधिक प्रजातियों के गुलाबों की खुशबू बिखरी हुई है। उन्होंने कहा कि वे खुद भी उद्यान में आने वाले लोगों से मिलकर इसे और बेहतर बनाने के सुझाव लेते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भी झारखंड की इस समृद्ध विरासत और खेल प्रतिभा की सराहना की और राजभवन के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।

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