Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद सोमवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार से रिहा कर दिया गया। वे पिछले करीब 17 महीनों से जेल में बंद थे। छवि रंजन को यह राहत सेना के कब्जे वाली बरियातू स्थित जमीन की अवैध खरीद-बिक्री मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज किए गए मामले में मिली है।
रिहाई से पूर्व छवि रंजन की ओर से ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में जमानत की प्रक्रिया पूरी की गई। उनके वकीलों ने अदालत में एक-एक लाख रुपये के दो जमानतदारों के साथ मुचलका दाखिल किया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन करने का लिखित आश्वासन भी दिया गया। आवश्यक औपचारिकताओं की पूर्ति के बाद कोर्ट ने जेल अधीक्षक को रिलीज ऑर्डर भेजा, जिसके बाद छवि रंजन सोमवार शाम जेल से बाहर निकले।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने छवि रंजन को 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने सेना के कब्जे वाली सरकारी जमीन की अवैध रजिस्ट्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कथित भूमि घोटाले में कई सरकारी अधिकारियों और दलालों की संलिप्तता सामने आई थी।
छवि रंजन की जमानत याचिका पहले ईडी कोर्ट और बाद में झारखंड उच्च न्यायालय ने भी खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। 10 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत प्रदान की।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि छवि रंजन जांच में सहयोग करेंगे और बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएंगे। अदालत ने उन्हें किसी प्रकार के सबूतों से छेड़छाड़ न करने की भी हिदायत दी।
छवि रंजन की रिहाई के बाद झारखंड की राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे अब अपने खिलाफ लगे आरोपों का कानूनी मुकाबला करने की रणनीति तैयार करेंगे।



