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Landon, (UK): कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की ‘काली डायरी’ के पन्ने अब दुनिया भर की सरकारों के लिए काल बन रहे हैं। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी 30 लाख पन्नों के दस्तावेजों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस्तीफों की सुनामी आ गई है। अब तक 10 देशों के 15 से ज्यादा शीर्ष अधिकारियों को अपना पद छोड़ना पड़ा है, जबकि 80 से अधिक रसूखदार लोग कड़े जांच घेरे में हैं।
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ब्रिटेन और यूरोप में सबसे ज्यादा हड़कंप
जारी फाइलों में राजनेताओं, अरबपतियों और शाही परिवारों के सीधे कनेक्शन सामने आए हैं।
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ब्रिटेन: पीएम कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी और पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन समेत तीन दिग्गजों ने इस्तीफा दे दिया है। प्रिंस एंड्रयू के खिलाफ ब्रिटिश पुलिस ने ‘फ्रेश रिव्यू’ शुरू किया है।
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नॉर्वे: क्राउन प्रिंसेस मेटे-मारिट को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी है, जबकि राजदूत मोना जूल को निलंबित कर दिया गया है।
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स्लोवाकिया व स्वीडन: स्लोवाकिया के पूर्व विदेश मंत्री मीरोस्लाव लाइचाक और स्वीडन की सीनियर डिप्लोमेट जोआना रुबिनस्टीन को आपत्तिजनक चैट सामने आने पर पद छोड़ना पड़ा।
ट्रम्प और क्लिंटन का नाम आया सामने
इन दस्तावेजों में अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम 38 हजार से ज्यादा बार आया है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 1990 के दशक में ट्रम्प ने एपस्टीन के निजी विमान से 7-8 बार यात्रा की थी। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन का नाम भी अलग-अलग संदर्भों में फाइलों में मौजूद है।
संगठित ट्रैफिकिंग और ‘ब्लैक’ नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि एपस्टीन का यौन शोषण नेटवर्क केवल अमेरिका तक सीमित नहीं था। उसने दुनिया के 15 से ज्यादा देशों के रईसों और नेताओं के साथ मिलकर एक संगठित ट्रैफिकिंग नेटवर्क तैयार किया था। फ्रांस, पोलैंड, लातविया और तुर्किये ने मानव तस्करी और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की जांच के लिए स्पेशल टीमें तैनात कर दी हैं। इजराइल के पूर्व पीएम एहुद बराक को भी एपस्टीन के अपार्टमेंट में रुकने के रिकॉर्ड्स पर सफाई देनी पड़ी है।
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