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Islamabad, Pakistan: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी इस्लामिक देशों के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष में ईद-उल-फ़ितर के मौके पर थोड़ी राहत की खबर आई है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारर ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि सऊदी अरब, कतर और तुर्की के विशेष अनुरोध पर पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन ग़ज़ाब-लिल-हक़’ को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। यह युद्धविराम 18 मार्च की आधी रात से 24 मार्च तक प्रभावी रहेगा।
शर्तों के साथ शांति की पहल
पाकिस्तान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह विराम केवल मानवीय आधार पर है। यदि इस दौरान सीमा पार से कोई ड्रोन हमला, आतंकी घटना या उकसावे वाली कार्रवाई हुई, तो ऑपरेशन तुरंत फिर से शुरू कर दिया जाएगा। पाकिस्तान की इस पहल के तुरंत बाद तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिउल्लाह मुजाहिद ने भी पुष्टि की कि अफगान सुरक्षा बल भी ईद की अवधि के दौरान रक्षात्मक मोड में रहेंगे और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे।
काबुल हमले के जख्म अभी हरे हैं
यह युद्धविराम ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान अपने यहां हुए एक भीषण हमले का मातम मना रहा है। तालिबान प्रशासन का आरोप है कि सोमवार रात पाकिस्तानी बमबारी ने काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र को निशाना बनाया, जिसमें 400 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक घायल हुए। बुधवार को काबुल की सड़कों पर इन मृतकों के सामूहिक अंतिम संस्कार किए गए, जिसमें हजारों की भीड़ उमड़ी। अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री सिराजुद्दीन हक़्क़ानी ने इस हमले को ‘मानवता के खिलाफ घृणित कृत्य’ करार दिया है।
वैश्विक दबाव और अनिश्चित भविष्य
सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों ने इस संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए अपनी पूरी कूटनीतिक ताकत झोंक दी है। हालांकि, युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही सीमावर्ती इलाकों में छिटपुट हवाई हमलों की खबरें आई हैं, जिससे शांति की इस कोशिश पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह 5 दिनों का विराम स्थायी शांति का रास्ता खोलेगा या ईद के बाद बारूद की गंध और तेज होगी।
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