Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»India»बंगाल में बड़ा खेल: आई-पैक कर्मियों पर चुनाव आयोग की टेढ़ी नजर, मची खलबली!
India

बंगाल में बड़ा खेल: आई-पैक कर्मियों पर चुनाव आयोग की टेढ़ी नजर, मची खलबली!

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान आई-पैक कर्मचारियों को डेटा-एंट्री ऑपरेटर बनाने के आरोपों पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आयोग अब इन कर्मियों के पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड की दोबारा गहन जांच कराएगा।
By Samsul HaqueJanuary 10, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

India News: पश्चिम बंगाल की चुनावी फिजां में एक नया विवाद गहरा गया है। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आई-पैक के कर्मियों को कथित रूप से डेटा-एंट्री ऑपरेटर नियुक्त करने की शिकायतों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। आरोप बेहद संगीन हैं—कहा जा रहा है कि इन निजी संस्था के लोगों को कागजों पर अनुबंधित राज्य सरकारी कर्मचारी दिखाकर सिस्टम में घुसाया गया। यह सारा बवाल तब और बढ़ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के ठिकाने पर छापेमारी की।

पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड की होगी दोबारा स्कैंनिंग

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने अब उन सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के बैकग्राउंड की दोबारा जांच करने का आदेश दिया है जिन्हें डेटा-एंट्री का जिम्मा मिला है। चुनाव आयोग के कड़े नियमों के तहत, ऐसे किसी भी काम के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। अब इसी रिपोर्ट की बारीकी से दोबारा पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी बाहरी प्रभाव को रोका जा सके। आयोग इस मामले को इसलिए गंभीरता से ले रहा है क्योंकि मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया में इन ऑपरेटरों की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती है।

अंतिम मतदाता सूची और गड़बड़ियों का बड़ा डर

इन डेटा-एंट्री ऑपरेटरों का असली काम बूथ-लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा फील्ड से जुटाए गए डेटा को कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज करना है। ईआरओ और एईआरओ को सौंपे गए इन फॉर्म्स में अगर जरा सी भी हेरफेर हुई, तो फाइनल वोटर लिस्ट का पूरा गणित बिगड़ सकता है। पहले भी ऐसी शिकायतें आई थीं कि गलत एंट्री की वजह से मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग परेशान हुआ था। अब जबकि 16 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट लिस्ट आ चुकी है और 14 फरवरी को फाइनल लिस्ट आनी है, आयोग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसके तुरंत बाद बंगाल विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने की उम्मीद है।

इस खबर को भी पढ़ें : बंगाल में बवाल! CM ममता बोलीं- ‘SIR फॉर्म भरने से बेहतर है नाक रगड़ना’?

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

महाराष्ट्र में फिर सियासी भूचाल, शिवसेना UBT के सात सांसद बगावत के मूड में

June 17, 2026

स्विट्जरलैंड भूल जाएंगे! कम बजट में नेपाल के इन 10 गांवों की सैर करें

June 17, 2026

एनआईटी अरुणाचल प्रदेश में बंपर भर्ती, ₹2 लाख तक मिलेगी सैलरी!

June 17, 2026

RECENT ADDA.

खराब बैटरियों से निकलेगा सोने जैसा खजाना, एनएमएल ने की बड़ी पहल

June 17, 2026

जमशेदपुर को लगा बड़ा झटका, टाटा जू की अफ्रीकी शेरनी जोया का निधन

June 17, 2026

लव मैरिज से नाराज पिता ने जिंदा बेटी का कर दिया पिंडदान, गांव में चर्चा

June 17, 2026

काटेपाड़ा जंगल में मिली लाश का राज खुला, गांव का युवक निकला हत्यारा

June 17, 2026

जमशेदपुर बना शोध और नवाचार का केंद्र, देशभर के छात्र पहुंचे एनएमएल

June 17, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.